Wednesday, September 30, 2020

30 September 2020 Daily Current Affairs Show in Hindi | Current Affairs Today

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इस श्रृंखला में हम प्रतियोगी परीक्षा के दृष्टिकोण से दिन के महत्वपूर्ण वर्तमान मामलों को कवर करते हैं।  हम विभिन्न समाचार पत्रों और वेब पोर्टलों से महत्वपूर्ण समाचारों को कवर करते हैं। इस करंट अफेयर शो को देखने के बाद आपको किसी भी न्यूज पोर्टल पर जाने की या न्यूजपेपर पढ़ने की आव्यशकता नहीं है।

1) चीन का कैट क्यू वायरस भारत में बीमारी का कारण बन सकता है: आईसीएमआर

जब भारत कोविद -19 से जूझ रहा है पैदा करता है, तब इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के वैज्ञानिकों ने एक और वायरस पाया है - कैट क्यू वायरस - बड़े पैमाने पर चीन में रिपोर्ट किया गया है

यह मनुष्यों में ज्वर की बीमारी, मेनिन्जाइटिस और इन्सेफेलाइटिस का कारण बन सकता है।  चीन और वियतनाम में क्यूलेक्स मच्छरों और सूअरों में इस वायरस (CQV) की उपस्थिति की सूचना मिली है।

भारत में क्यूलेक्स मच्छरों की इसी तरह की प्रजातियों के प्रसार को ध्यान में रखते हुए, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) और आईसीएमआर, पुणे के वैज्ञानिकों ने भारत में राज्यों में परीक्षण किए गए 883 मानव सीरम नमूनों में से दो में वायरस के लिए एंटीबॉडी पाए हैं, जो दर्शाता है कि उन व्यक्तियों में किसी समय संक्रमण फैल गया।  हालांकि, अध्ययन के समय किसी भी मानव या पशु के नमूने में वायरस नहीं पाया गया था।  एंटीबॉडीज मनुष्यों की प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा बनाई जाती हैं जब एक वायरस शरीर पर हमला करता है।

2) हाइड्रोजन — सीएनजी के इस्तेमाल को लेकर अधिसूचना जारी: 

परिवहन के लिए वैकल्पिक स्वच्छ ईंधन अपनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सीएनजी इंजनों में एच-सीएनजी (हाइड्रोजन का 18% मिश्रण) के उपयोग की अनुमति दे दी है। मंत्रालय परिवहन के लिए स्वच्छ ईंधन के तहत विभिन्न वैकल्पिक ईंधन को अधिसूचित कर रहा है। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने भी मोटर वाहन के लिए हाइड्रोजन वाले कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (एच-सीएनजी) के विनिर्देशों (आईएस 17314: 2019) को ईंधन के रूप में विकसित किया है।  सीएनजी-इंजन की तुलना में एच-सीएनजी का उपयोग  उत्सर्जन में कमी ला सकता। 

3) अल्ट्रा-वायलेट इमेजिंग टेलीस्कोप–एस्ट्रोसैट के पांच साल पूरे:

अल्ट्रा-वायलेट इमेजिंग टेलीस्कोप–एस्ट्रोसैट आकाश में भारत की पहली बहु-तरंगदैर्ध्य खगोलीय वेधशाला है। अपने संचालन के पांच वर्षों में, इसनेकई उपलब्धियां हासिल की हैं। इसने भारत और विदेश के वैज्ञानिकों द्वारा प्रस्तावित 800 अद्वितीय आकाशीय स्रोतों के1166पर्यवेक्षण-कार्य पूरे किये हैं।

इसने तारों, तारा समूहों की खोज की है और हमारे मिल्की वे आकाशगंगा में बड़े और छोटे उपग्रह आकाशगंगाओं का मानचित्रण किया है, जिसे मैगेलैनिक क्लाउड्स कहा जाता है, जो ब्रह्मांड में एक ऊर्जावान घटना है। 

इसकी बेहतर स्थानिक रिज़ॉल्यूशन क्षमता ने खगोलविदों को आकाशगंगाओं में तारों के निर्माण का पता लगाने के साथ-साथ स्टार क्लस्टर्स (पिछले नासा मिशन, गलेक्ससे 3 गुना बेहतर) के समाधान को सक्षम किया है। यूवीआईटीके पर्यवेक्षणों ने हाल ही में पृथ्वी से लगभग 10 बिलियन प्रकाश-वर्ष की दूरी पर स्थित एक आकाशगंगा की खोज की है

एस्ट्रोसैट को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा 28 सितंबर 2015 को लॉन्च किया गया था, जो एक महत्वपूर्ण उपग्रह साबित हुआ है और जो दूर के पराबैंगनी से लेकर कठोर एक्स-रे बैंड तक विभिन्न तरंगदैर्घ्य सीमा में एक साथ अवलोकन करने में सक्षम है।

4) हिमालयन चन्‍द्र टेलीस्कोप के 20 वर्ष पूरे: 

लद्दाख के ठंडे, शुष्क रेगिस्तान में, समुद्र तल से 4500 मीटर ऊपर, दो दशकों से, भारतीय खगोलीय वेधशाला (आईएओ) में 2 मीटर चौड़ाई वाला ऑप्टिकल इन्फ्रारेड हिमालयन चन्‍द्र टेलीस्कोप (एचसीटी) नक्षत्रीय धमाकों, धूमकेतू, छोटे तारों और एक्‍सो-प्‍लेनेट की खोज में रात के आसमान को बारीकी से देख रहा है। इस वर्ष यह अपना 20 वा जन्मदिन मना रहा है। हिमालयी चन्द्र टेलीस्कोप का उपयोग कई समन्वित अंतर्राष्ट्रीय अभियानों में नक्षत्रीय धमाकों,धूमकेतु और एक्‍सो-प्‍लेनेट निगरानी के लिए किया जाता है, और इसने इन अध्ययनों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में किस राज्य में कोसी रेल महासेतु के साथ यात्री सुविधाओं से संबंधित रेल की 12 परियोजनाओं का उद्घाटन किया?

a.    पंजाब

b.    राजस्थान

c.    बिहार

d.    झारखंड

परमाणु हथियारों के निषेध पर संधि परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए पहला बहुपक्षीय कानूनी रूप से बाध्यकारी साधन है। इसको किस वर्ष अपनाया गया था।  

2017

2015

1976

1986

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BPSC Exam Complete Syllabus Subject-wise : Prelims और Mains Exam

BPSC का syllabus BPSC यानि बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा निर्धारित किया जाता है. जैसा कि आप सब को पता होगा BPSC ने 66वीं प्रेलिम्स एग्जाम के लिए notification प्रकाशित किये हैं. ऐसे में हम सब के लिए ये जानना आवश्यक है कि इस परीक्षा का सिलेबस क्या है और एग्जाम पैटर्न क्या होता है? 

आपको बता दूँ कि BPSC परीक्षा (संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा) तीन चरणों में आयोजित की जाती है:

प्रीलिम्स - 150 अंकों के लिए 1 Objective टाइप पेपर

मेन्स - 4 Descriptive पेपर (1 क्वालिफाइंग + 3 मेरिट रैंकिंग)

साक्षात्‍कार - 120 अंक

Stage of BPSC Exam Type of Exam Mode Total Marks Duration

Prelims Objective Offline 150 2 Hours

Mains Subjective Offline 3 ( 900 Papers of 300 marks each) 3 Hours for each Paper

Personal Interview Physically Present Offline 120 Not Defined

अब बात करेंगे, BPSC प्रेलिम्स एग्जाम सिलेबस के बारे में

बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य विज्ञान, राजनीति, अर्थव्यवस्था, इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन के पहलुओं को शामिल किया गया है जैसे:

सामान्य विज्ञान: (विज्ञान की सामान्य समझ, जिसमें रोजमर्रा के अवलोकन और अनुभव के मामले शामिल हैं)। साइंस और टेक के प्रश्न ऐसे होंगे कि उन्हें विषय विशेषज्ञता की आवश्यकता नहीं होगी।

राष्ट्रीय / अंतर्राष्ट्रीय महत्व के करंट अफेयर्स

भारत और बिहार का इतिहास (बिहार के इतिहास के व्यापक पहलुओं के साथ विषय की सामान्य समझ)

भारत और बिहार का भूगोल (भारतीय कृषि और प्राकृतिक कृषि की मुख्य विशेषताओं सहित देश के भौतिक, सामाजिक और आर्थिक भूगोल से संबंधित प्रश्न)

बिहार का सामान्य भूगोल और भौगोलिक विभाजन और इसकी प्रमुख नदी प्रणालियाँ

भारतीय राजव्यवस्था (प्रश्न भारत और बिहार में देश की राजनीतिक प्रणाली, पंचायती राज, सामुदायिक विकास और योजना पर ज्ञान का परीक्षण करेंगे)

भारतीय अर्थव्यवस्था और बिहार की अर्थव्यवस्था स्वतंत्रता के बाद

भारतीय आंदोलन और इसमें बिहार का योगदान (प्रश्न उन्नीसवीं सदी के पुनरुत्थान की प्रकृति और चरित्र, राष्ट्रीयता के विकास और बिहार के विशेष संदर्भ के साथ स्वतंत्रता की प्राप्ति से संबंधित होगा)

भारतीय अर्थव्यवस्था और राजनीति के तहत, प्रश्न निम्नलिखित विषयों को शामिल करेंगे:

भारतीय राजनीतिक प्रणाली

पंचायती राज

सामुदायिक विकास

भारत और बिहार में योजना

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के तहत, उम्मीदवारों को 19 वीं शताब्दी में पुनरुत्थान, भारत में राष्ट्रवाद की प्रकृति और विकास और भारत की स्वतंत्रता पर ध्यान केंद्रित करना होगा। साथ ही, भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में बिहार की भूमिका BPSC परीक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है

जनरल मेंटल एबिलिटी पर आधारित प्रश्न

उम्मीदवारों को बीपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाता है, जब वे बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण होते हैं । BPSC मुख्य परीक्षा में एक क्वालीफाइंग पेपर सामान्य हिंदी है। इसके अलावा, जनरल स्टडीज पेपर 1 और जनरल स्टडीज पेपर 2 में 300 अंक होंगे। एक वैकल्पिक पेपर होगा जिसे उम्मीदवार ने आवेदन पत्र भरते समय पहले चुना है। ऑप्शनल पेपर में 300 मार्क्स होते हैं। 

Stage of Exam Name of Paper  Total Marks Duration

Main Exam (Subjective) General Hindi (Qualifying) 100 3 Hours

General Studies Paper 1 300 3 Hours

General Studies Paper 2 300 3 Hours

Optional Paper 300 3 Hours

सामान्य अध्ययन के प्रश्न पत्र ‘‘1’’ और प्रश्न पत्र ‘‘2’’ के भाग के निम्नलिखित क्षेत्र होंगेः-

सामान्य अध्ययन- पत्र 1

1. भारत का आधुनिक इतिहास और भारतीय संस्कृति।

2. राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय महत्व का वर्तमान घटना चक्र।

3. सांख्यिकी विश्लेषण आरेखन और चित्रण

सामान्य अध्ययन- पत्र 2

1. भारतीय राज्य व्यवस्था।

2. भारतीय अर्थ व्यवस्था और भारत का भूगोल।

3. भारत के विकास में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका और प्रभाव।

प्रश्न पत्र- 1 में आधुनिक भारत के इतिहास और भारतीय संस्कृति के अन्तर्गत लगभग उन्नीसवीं शताब्दी के मध्य भाग से लेकर देश के इतिहास की रूप रेखा के साथ-साथ गाँधी, रवीन्द्र और नेहरू से संबंधित प्रश्न भी सम्मिलित होंगे। बिहार के आधुनिक इतिहास के संदर्भ में प्रश्न इस क्षेत्र में पाश्चात्य शिक्षा (प्रौद्योगिकी शिक्षा समेत) के आरम्भ और विकास से पूछे जाएंगे। इसमें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में बिहार की भूमिका से संबंधित प्रश्न रहेंगे। ये प्रश्न मुख्यतः संथाल विद्रोह, बिहार में 1857 विरसा का आन्दोलन, चम्पारण सत्याग्रह तथा 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन से पूछे जाएँगे। परीक्षार्थियों से आशा की जाती है कि वे मौर्य काल तथा पाल काल की कला और पटना कलम चित्रकला की मुख्य विशेषताओं से परिचित होंगे। सांख्यिकीय विश्लेषण आरेखन और सचित्र निरूपण से संबंधित विषयों में सांख्यिकीय आरेखन या चित्रात्मक रूप से प्रस्तुत सामग्री की जानकारी के आधार पर सहज बुद्धि का प्रयोग करते हुए कुछ निष्कर्ष निकालना और उसमें पाई गई कमियों, सीमाओं और असंगतियों का निरूपण करने की क्षमता की परीक्षा होगी।

प्रश्न पत्र- 2 में भारतीय राज्य व्यवस्था से संबंधित खंड में भारत की राजनीतिक व्यवस्था से संबंधित प्रश्न होंगे। भारतीय अर्थ व्यवस्था और भारत तथा बिहार के भूगोल से संबंधित खंड में c` भारत के विकास में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के महत्व और प्रभाव से संबंधित तीसरे खंड में ऐसे प्रश्न पूछे जाएँगे, जो भारत तथा बिहार में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के महत्व के बारे में उम्मीदवार की जानकारी की परीक्षा करे। इनमें प्रायोगिक पक्ष पर बल दिया जाएगा।

परीक्षार्थियों को ऑप्शनल पेपर से अपने लिए ऑप्शनल सब्जेक्ट चुनने होता है. वो लिस्ट आप हमारे स्क्रीन पर देख सकते हैं:

वैकल्पिक विषय पाठ्यक्रम (Optional Subjects Exam Syllabus):

कृषि (Agriculture)

पशुपालन तथा पशु चिकित्सा विज्ञान (Animal Husbandry and Veterinary Science)

मानव विज्ञान (Human Science)

वनस्पति विज्ञान (Botany)

रसायन विज्ञान (Chemistry)

सिविल इंजीनियरिंग (Civil Engineering)

वाणिज्यिक शास्त्र तथा लेखा विधि (Commerce and Accountancy)

अर्थशास्त्र (Economics)

विद्युत् इंजीनियरिंग (Electrical Engineering) 

भूगोल (Geography)

भू-विज्ञान (Geology)

इतिहास (History)

श्रम एवम् समाज कल्याण (Labour Social Welfare (LSW)

विधि (Law)

प्रबन्ध (Management)

गणित (Mathematics)

मैकेनिकल इंजीनियरिंग (Mechanical Engineering)

दर्शनशास्त्र (Philosophy)

भौतिकी (Physics)

राजनीति विज्ञान तथा अन्तर्राष्ट्रीय संबंध (Political Science & International Relations)

मनोविज्ञान (Psychology)

लोक प्रशासन (Public Administration : Pub-ad)

समाजशास्त्र (Sociology)

सांख्यिकी (Statistics)

प्राणि विज्ञान (Zoology)

हिन्दी भाषा और साहित्य (Hindi Language and Literature)

अंग्रेजी भाषा और साहित्य (English Language and Literature)

उर्दू भाषा और साहित्य (Urdu Language and Literature)

बांग्ला भाषा और साहित्य (Bengali Language and Literature)

तो दोस्तों, ये था BPSC का सिलेबस. आशा है कि आप अब ये जान गए होंगे और अपनी तैयारी में जी जान से लग गए होंगे.

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कैसे होता है UPSC में Toppers का Selection और कैसे तैयार होता है रिजल्ट? || UPSC Exam || UPSC Topper

Union Public Service Commission or UPSC- जो हर साल Civil Services में लोगों के चयन हेतु परीक्षा आयोजित करवाता हैं, या आम तौर पर Future IAS, IPS, IFS officers को चुनने के लिए प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन करवाता है जो त्रिस्तरीय होता है- Preliminary Exam, Main Exam & Interview. और इन सारे परीक्षाओं और इंटरव्यू के आधार पर मेरिट लिस्ट बनती हैं और रिजल्ट तैयार की जाती है. इस साल भी 2019 में हुए परीक्षा का अंतिम परिणाम आया है और toppers और selected उम्मीदवार के कुछ नाम से शायद आप परिचित भी होंगे. तो आजके इस विडियो में इसी से सम्बंधित कुछ सवालों के जवाब आपको मिलेंगे मसलन UPSC रैंक की लिस्ट कैसे बनाती है, रिजल्ट कैसे तैयार होता है और किस रैंक तक के लोगों को IAS, IPS, या IFS की सेवा प्राप्त होगी? क्या इसके लिए कोई अलग सी criteria होती है? 

तो फिर देर किस बात की, आईये समझते हैं UPSC के इस पहेली को. लेकिन इससे पहले कि हमलोग UPSC की रैंकिंग समझें, पहले ये समझ लेते हैं कि UPSC एग्जाम में क्या होता है?

दोस्तों, जैसा कि हमने पहले भी बताया है कि UPSC में कुल 24 सर्विसेज होती हैं, जिन्हें दो भागों में बांटा गया हैं: 

1. All India Services

2. Central Services

इनमें पहले वाले All India Services में IAS, IPS के लिए candidates को चुना जाता है और उन्हें states/UTs का कैडर दिया जाता है. वहीँ, Central Services में Group A, B होती है.

2015 में, भारत सरकार ने भारतीय कौशल विकास सेवा के गठन को मंजूरी दी, और 2016 में, भारत सरकार ने भारतीय उद्यम विकास सेवा के गठन को मंजूरी दी।

CCS (ग्रुप ए) में सिविल सेवा परीक्षा, इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा, संयुक्त भू-वैज्ञानिक और भूवैज्ञानिक परीक्षा, संयुक्त चिकित्सा सेवा परीक्षा, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) IE.S/I.S.S के माध्यम से की जाती है। CCS में सभी पदोन्नतियों या समानताओं को या तो सिविल सेवा बोर्ड द्वारा या मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति द्वारा किया जाता है।

वहीँ, Group B में Armed Forces Headquarters Civil Services, DANICS, DANIPS जैसी सर्विस आती हैं। 

चूँकि आप सबको पता ही होगा कि UPSC CS में चयन त्रिस्तरीय होता है:

IAS प्रारंभिक परीक्षा: इसमें वस्तुनिष्ठ प्रकार के दो पेपर होते हैं और इसमें अधिकतम 400 अंक होते हैं। प्रारंभिक परीक्षा में दो पेपर होते हैं। IAS परीक्षा में पेपर- II (CSAT) योग्यता प्रकृति का है और उम्मीदवारों को IAS परीक्षा के अगले चरण यानी मेन्स के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए इस पेपर में न्यूनतम 33% स्कोर करना चाहिए। आईएएस सिलेबस की जांच करें

IAS मुख्य परीक्षा: दो प्रकार के पेपर होते हैं- क्वालीफाइंग पेपर और एक पेपर जिससे  मेरिट लिस्ट बनती है। पूर्व में दो भाषा परीक्षाएं शामिल होंगी, एक उम्मीदवार की पसंद और अन्य अंग्रेजी। बाद में 9 पेपर शामिल होंगे जिसमें 7 मेरिट Optional Paper सहित और 2 क्वालिफाइंग लैंग्वेज पेपर शामिल होंगे। मुख्य परीक्षा में निबंध लेखन और वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न दोनों शामिल होंगे। साक्षात्कार के दौर में सभी पेपरों का कुल योग और प्राप्तांक का उपयोग उम्मीदवारों की रैंकिंग के लिए किया जाएगा। 

IAS व्यक्तित्व परीक्षण: मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण उम्मीदवारों के लिए 275 अंकों का साक्षात्कार लिया जाएगा। इसमें साइकोमेट्रिक टेस्ट, असेसमेंट टेस्ट के साथ-साथ पर्सनल इंटरव्यू भी शामिल होगा। परीक्षण में प्राप्त अंकों को अंतिम मेरिट सूची की घोषणा के लिए गणना में जोड़ा जाएगा।

अब मूल प्रश्न आता है Merit List/Ranking कैसे बनती है?

तो मेरिट लिस्ट या रैंकिंग उस साल के notification या Vacancy पर निर्भर करता है. जो भी व्यक्ति एग्जाम देता है, उसे पहले अपना सर्विस preference सेलेक्ट करना होता है. मेन एग्जाम के फॉर्म भरते समय. कि उसकी पहली प्रेफरेंस IAS है, IFS है, या IPS है. फिर मेरिट लिस्ट निकलती है. उस हिसाब से जिनके सबसे ज्यादा नंबर आते हैं, वो IAS, IFS बनते हैं. अगर उनकी प्रेफरेंस यही हो तो. उसके बाद धीरे-धीरे घटते हुए मार्क्स के साथ आगे की पोस्ट भी मिलती जाती है। 

तो फिर IAS, IPS कैडर कैसे मिलता है? मान लीजिये अगर कुल 500 वैकेंसी में अगर IAS के लिए 50 पोस्ट्स हैं तो  टॉप के 50 लोगों को ही IAS मिलेगा. ये भी हो सकता है कि उन टॉप 50 लोगों में से किसी ने अपनी preference IAS ना देकर IPS या IFS रखा हो. तो ऐसे मेरिट में थोड़ा पीछे रहे लोग अगर अपना प्रेफरेंस IAS रखते हैं तो उन्हें पोस्ट मिल सकती है. इस तरह थोड़ी पीछे के रैंक वाले लोग भी ये ऊपर की सर्विसेज पा सकते हैं। 

रैंकिंग पाना क्या इतना मुश्किल है?

हर साल वैकेंसीज की संख्या अलग-अलग होती है. 2005 में 457 वैकेंसीज से लेकर 2014 में 1364 वैकेंसीज तक, थोड़ी बहुत बढ़ोतरी हुई है सीट्स में. लेकिन एग्जाम देने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है. UPSC हर साल वैकेंसी के हिसाब से ही मेंस एग्जाम और इंटरव्यू देने वालों की संख्या तय करता है. जैसे 100 पोस्ट की वैकेंसी है. तो तकरीबन इसके 12 -13 गुना लोग मेन एग्जाम लिखने के लिए चुने जाएंगे, प्रीलिम्स में से. और फिर करीब 250 लोग इंटरव्यू के लिए चुने जाएंगे. इनमें से फिर फाइनल रैंक की लिस्ट के लिए लोग चुने जाएंगे. ये सिर्फ एक उदाहरण है. ताकि आईडिया लग सके आपको कि रैंकिंग के लिए कितना तगड़ा कम्पटीशन होता है। 

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Tuesday, September 29, 2020

SDM की Salary कितनी होती हैं और Promotion कैसे होता है ? | SDM | PCS Exam

SDM officers राज्य प्रशासनिक सेवा में सर्वोच्च रैंक प्राप्त करने वाले बनते हैं. इन अधिकारियों का समाज में प्रतिष्ठा और उचित सम्मान तो मिलता ही है साथ ही वे एक शक्तिशाली प्रशासनिक अधिकारी भी बनते हैं। इन पदों पर नियुक्ति के लिए सभी राज्य परीक्षा आयोजित करते हैं जिसे PCS परीक्षा के नाम से जाना जाता है.

SDM यानी कि “Sub Divisional Magistrate” और हिन्दी में “उप प्रभागीय न्यायाधीश” होता है जो भारत के सभी जिलों, Subdivision में तैनात किये जाते हैं। एसडीएम का काम अपने क्षेत्र के प्रशासन, जमीन और व्यापार की देख रेख करना है। SDM के उपखंड के सभी तहसीलदारों पर SDM का प्रत्यक्ष नियंत्रण होता है। यदि SDM की पोस्टिंग एक संवेदनशील क्षेत्र में होती है तो उसे और भी अधिक सतर्क रहना पड़ता है।

इसके साथ ही Marriage Registration, विभिन्न प्रकार के Registration, अनेक प्रकार के लाइसेंस जारी करवाना, Renewal, बाढ़, अग्निकांड, भूकंप, भूस्खलन, शीतलहरों, बादल फटने, ओलावृष्टि, अतिवृष्टि, विद्युत प्रभाव, लू-प्रकोप, हिम स्खलन, कीट आकृमण आदि से प्रभावित व्यक्तियों को सहायता उपलब्ध करवाना आदि प्रमुख कार्य है। एक एसडीएम आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1973 और कई अन्य नाबालिग कृत्यों के अंतर्गत विभिन्न मजिस्ट्रेट का कार्य करते है।

और अब बात SDM की Salary & Facilities के बारे में

SDM को बहुत सारे responsibilities के साथ साथ attractive Salary और facilities मिलती भी हैं, जिससे लोगों में इस पद पर जाने लिए लालसा बनी रहती है. SDM को 5400 रूपए ग्रेड पे के साथ 9300-34800 के Pay-Scale में वेतन मिलता है। SDM को वेतन के साथ अन्य सुविधाएं प्राप्त होती हैं। इन सुविधाओं में निम्नलिखित शामिल हैं: –

परिवार और helping staff के लिए निवास

कुक और माली की तरह सुरक्षा गार्ड और घरेलू मदद

आधिकारिक वाहन, आमतौर पर एक बीकन के साथ

एक टेलीफोन कनेक्शन, जिसका बिल सरकार द्वारा भुगतान किया जाता है

सरकार द्वारा दिए गए बिजली के बिल

राज्य भर में आधिकारिक यात्राओं के दौरान उच्च श्रेणी के आवास

अध्ययन के पत्तों की सुविधा

नौकरी की सुरक्षा

जीवनसाथी को पेंशन

SDM अपने Training Period में सहायक कलेक्टर और कार्यकारी मजिस्ट्रेट के रूप में अपनी सेवा शुरू करते हैं। प्रशिक्षण के बाद, उन्हें एसडीएम के रूप में तैनात किया जाता है। State Rules के अनुसार Departmental Promotion Committee (DPC) के माध्यम से पदोन्नति दी जाती है, जिसका नेतृत्व आयोग के अध्यक्ष द्वारा किया जाता है। SDM को पहली promotion सेवा के 8-9 साल बाद मिलती है और आम तौर पर एक या दो promotions के बाद एसडीएम सेवानिवृत्त हो जाते हैं। UPSC की तुलना में BPSC से नियुक्त officers की promotion slow होती है। SDM का promotion कुछ इस तरह होता है:

उप मंडल अधिकारी(SDO/SDM)

अपर कलेक्टर(ADC)

उप विकास आयुक्त(DDC)

कुछ अधिकारी State Secretariat  में नियुक्त होते हैं। Secretariat  में BPSC अधिकारी Government की policies तैयार करते हैं और इसे राज्य में execute करते हैं। State Secretariat में नियुक्त होने वाले BPSC Officer निम्नलिखित पदोन्नति प्राप्त कर सकते हैं: –

अन्डर सचिव

उप सचिव

संयुक्त सचिव

अपर सचिव

विशेष सचिव

सचिव

SDM को मिलने वाली साड़ी facilities इनके salary से अलग होती हैं। ये सभी facilities , salary और  power इस पद को और अधिक आकर्षित बनाती है. एसडीएम को उनके गृह राज्य में तैनात किया जाएगा जिससे अधिकारी अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ रह सकते हैं।


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How to Choose Optional Subject For BPSC Exam? || BPSC Exam Preparation

सही वैकल्पिक विषय का चयन कैसे करें या सही तरीके से वैकल्पिक विषय का चयन कैसे करें, यह एक ऐसा प्रश्न है जो अधिकांश BPSC उम्मीदवारों को परेशान करता है. BPSC परीक्षा पैटर्न में बदलाव के साथ, अब एक उम्मीदवार को BPSC मेन्स के लिए केवल एक वैकल्पिक विषय को चुनना होता है. इसकी परीक्षा मेंस में 300 अंक के लिए ली जाती है.

तो आईये समझते हैं कि BPSC के लिए सबसे important ऑप्शनल सब्जेक्ट कौन कौन है:

बीपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए चुनने के लिए उम्मीदवारों के लिए कुल 37 वैकल्पिक विषय उपलब्ध हैं। सबसे पहले हम आपको bpsc mains परीक्षा के लिए उम्मीदवारों के बीच कुछ सबसे लोकप्रिय वैकल्पिक विषय के बारे में बताने जा रहे हैं.BPSC के लिए सबसे लोकप्रिय विषयों में:

1. भूगोल

2. इतिहास

3. Public Adminstration

4. LSW

5. नागरिक सास्त्र

6. हिंदी साहित्य

7. Anthropology

GEOGRAPHY

भूगोल का एक निश्चित पाठ्यक्रम है और पाठ्यक्रम के अनुसार ही प्रश्न पूछे जाते हैं।

आपको भूगोल में सब कुछ रटने की आवश्यकता नहीं है। बस अवधारणा बनाने की कोशिश करें।

वैकल्पिक के रूप में भूगोल तैयार करने के लिए विश्लेषणात्मक शक्ति अधिक होनी चाहिए।

कोर भूगोल विषय के साथ भूगोल से जुड़े करंट अफेयर्स को जोड़ने के लिए आपको पर्याप्त सक्षम होना चाहिए। मैपिंग की बेहतर समझ की भी जरूरत है।

भूगोल एक अर्ध वैज्ञानिक विषय है, इसलिए यह इंजीनियरों, डॉक्टरों और विज्ञान पृष्ठभूमि के छात्रों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है।

इतिहास

यह बीपीएससी उम्मीदवारों के बीच सबसे लोकप्रिय विषय है।

प्रत्येक छात्र को इतिहास का कुछ आधारभूत ज्ञान होता है क्योंकि हर कोई स्कूल में एक ही अध्ययन करता है।

इतिहास दिलचस्प विषय के साथ-साथ अत्यधिक स्कोरिंग भी है।

इतिहास को अधिक समझ और व्याख्या की आवश्यकता है। उम्मीदवारों को उत्तर पुस्तिका में तथ्यों के साथ अवधारणा को जोड़ना होगा।

Public Administration

लोक प्रशासन में एक छोटा और निश्चित पाठ्यक्रम है।

छोटे सिलेबस के कारण, इस वैकल्पिक विषय को 6 महीने की समयावधि में कवर किया जा सकता है।

स्वयं अध्ययन के साथ तैयार किया जा सकता है और लोक प्रशासन की तैयारी के लिए कोई विशेष कोचिंग लेने की आवश्यकता नहीं है।

एलएसडब्ल्यू

Public Administration की तरह, LSW में भी एक छोटा और निश्चित पाठ्यक्रम है।

एलएसडब्ल्यू वैकल्पिक विषय को अन्य वैकल्पिक विषयों की तुलना में कम समय अवधि में कवर किया जा सकता है।

नोट्स एलएसडब्ल्यू के लिए आसानी से उपलब्ध हैं और स्व अध्ययन के साथ तैयार किए जा सकते हैं।

समाजशास्त्

समाजशास्त्र को समझना आसान है और अत्यधिक स्कोरिंग के साथ-साथ दिलचस्प है।

समाजशास्त्र मानवता और समाज के विषय को शामिल करता है और हम उसी समाज का हिस्सा हैं।

इसमें अमूर्त सिद्धांतों और अवधारणाओं के बीच अंतर करने की क्षमता की आवश्यकता होती है।

HINDI LITERATURE

हिंदी साहित्य का पाठ्यक्रम सीमित और स्थिर है।

हिंदी साहित्य की तैयारी दिलचस्प है और पढ़ने में मजेदार भी।

हिंदी वैकल्पिक उम्मीदवारों की कम संख्या के कारण अन्य सबसे लोकप्रिय विषयों की तुलना में आपको हिंदी साहित्य में कम प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।

यदि आप mains exam in hindi माध्यम लिखने जा रहे हैं, तो हिंदी साहित्य आपके लिए योग्य है।

ANTHROPOLOGY

छोटे सिलेबस के साथ-साथ दिलचस्प भी।

मानव विज्ञान अर्ध वैज्ञानिक विषय है, इस प्रकार विज्ञान पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों के बीच लोकप्रिय है।

उम्मीदवार आसानी से विषयों को याद रखने के लिए आरेख का उपयोग कर सकते हैं।

इन पोपुलर सब्जेक्ट्स के अलावा, आप इन बातों का भी ध्यान रख सकते हैं:

1. शैक्षणिक पृष्ठभूमि:

विद्यालय स्तर NCERT (कक्षा 11 वीं और 12 वीं अधिमानतः) के माध्यम से किसी विषय में अपनी रुचि को पहचानें.

उदाहरण के लिए:

(ए) यदि आप कॉमर्स बैकग्राउंड से हैं, तो उस चीज़ को देखें जो आपने कॉलेज में पढ़ी है और उसी के अनुसार कॉमर्स, मैनेजमेंट या पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन का चुनाव करें।

(b) यदि आप इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से हैं, तो वैकल्पिक विषयों जैसे भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित, इंजीनियरिंग वैकल्पिक - सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल आदि के सिलेबस और विषय-वस्तु की जाँच करें। यदि आप उल्लिखित विज्ञान विषयों के साथ सहज नहीं हैं, तो अन्य वैकल्पिक की जाँच करें। भूगोल, मनोविज्ञान, नृविज्ञान, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, लोक प्रशासन, दर्शनशास्त्र आदि विषय।

2. विषय में उपलब्ध कोचिंग:

अपने सहकर्मियों, दोस्तों, सिविल सेवकों से पूछें और राय लें ताकि आपको अच्छी कोचिंग के साथ साथ से अध्ययन सामग्री का भी पता चले.

3. सामान्य अध्ययन के पाठ्यक्रम के लिए वैकल्पिक विषय का योगदान:

सामान्य अध्ययन और मुख्य परीक्षा के निबंध पत्रों की दिशा में वैकल्पिक विषय के योगदान के बारे में पिछले प्रश्न पत्रों और पाठ्यक्रम से स्वयं पता करें।

4. हाल के दिनों (पिछले 3 वर्षों) में वैकल्पिक विषय का प्रदर्शन:

इसके तहत आप पिछले 3 वर्षों के मेरिट लिस्ट को देखें कि किस विषय में कितने प्रतिशत छात्रों ने सफलता पायी है, और उसी अनुरोप इसका चयन करें.

5. समय प्रबंधन:

समझने की क्षमता के अलावा, एक उम्मीदवार को यह तय करना चाहिए कि वह वैकल्पिक विषय का अध्ययन करने में कितना समय खर्च कर पाएगा। कुछ उम्मीदवार विश्वविद्यालय आदि की तैयारी या अध्ययन करते समय काम कर सकते हैं, सामान्य अध्ययन के साथ चुने हुए वैकल्पिक विषय का अध्ययन करने के लिए आवश्यक समय की मात्रा का अनुमान लगाने में सक्षम होना चाहिए।

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29 September 2020 Daily Current Affairs Show in Hindi | Current Affairs Today

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इस श्रृंखला में हम प्रतियोगी परीक्षा के दृष्टिकोण से दिन के महत्वपूर्ण वर्तमान मामलों को कवर करते हैं।  हम विभिन्न समाचार पत्रों और वेब पोर्टलों से महत्वपूर्ण समाचारों को कवर करते हैं। इस करंट अफेयर शो को देखने के बाद आपको किसी भी न्यूज पोर्टल पर जाने की या न्यूजपेपर पढ़ने की आव्यशकता नहीं है।
1)महाराष्ट्र “खुली” सिगरेट और बीड़ी की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने वाला देश का पहला राज्य बना:

ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि khuli सिगरेट बिना पैकेट के बेची जाती थी, जो कि ग्राफिक हेल्थ वॉर निंग्स का मतलब जनता को धूम्रपान के नुकसान के बारे में शिक्षित करना था।  धूम्रपान को कैंसर और हृदय रोग से जोड़ा गया है। टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के कैंसर सर्जन डॉ। पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि नए आदेश से युवाओं में आदत को कम करने में मदद मिलेगी।  “भारत में तंबाकू की महामारी 16 से 17 साल की उम्र के युवाओं में ज़्यादा प्रभावी है।  वे खुली सिगरेट खरीदते हैं क्योंकि उनके पास पूरा पैकेट खरीदने के लिए वित्तीय संसाधन नहीं होते हैं, ”उन्होंने कहा।  इसके अलावा, खुली सिगरेट खरीदने वालों को कभी भी तंबाकू के सामानों पर लगाए गए ऊंचे करों की चोट महसूस नहीं होती हैं।
 “अध्ययनों से पता चला है कि करों में 10% वृद्धि से धूम्रपान करने वालों की संख्या में 8% की गिरावट आती है।  लेकिन अगर लोगों को एक ही सिगरेट खरीदने की अनुमति दी जाती है, तो वे उच्च करों के प्रभाव को महसूस नहीं करते हैं, “डॉ। चतुर्वेदी ने कहा।  ग्लोबल टोबैको यूथ सर्वे 2016 के अनुसार, महाराष्ट्र में देश में सबसे कम धूम्रपान दर है।

2)एनटीपीसी ने अपने संयत्रों में को-फायरिंग के लिए बायोमास पैलेट्स (पराली) की खरीद के लिए निविदाएं आमंत्रित की

केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम और देश की सबसे बड़ी विद्युत उत्पादक राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम-एनटीपीसी लिमिटेड ने अपने संयत्रों में को-फायरिंग के लिए जैव ईंधन  पैलेट्स  (पराली)  की  खरीद के  लिए  घरेलू  प्रतिस्पर्धी  निविदा  (डीसीबी)  पर  बोलियां  आमंत्रित  की  हैं।फसल के अवशेषों को जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए यह कदम उठाया गया है। एनटीपीसी ने वर्तमान वर्ष में अपने 17 विद्युत संयंत्रों में 50 लाख टन पराली की खपत होने का अनुमान लगाया है। 

एनटीपीसी का विश्वास है कि को-फायरिंग से प्रसंस्करण में बड़े पैमाने पर ग्रामीण रोजगार के अवसरों के साथ-साथ जैव ईंधन के लिए आपूर्ति श्रृंखला बनाने में भी मदद मिलेगी। एनटीपीसी पंजाब और हरियाणा के आपूर्तिकर्ताओं से निविदाओं को वरीयता देंगे। 

अनुमान के अनुसार, फसल अवशेषों का लगभग 145 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमपीटीए) अप्रयुक्त रहता है और इसका अधिकांश हिस्सा भारत के खुले खेतों में जलाया जाता है, जिससे वायु प्रदूषण होता है और यह स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं को जन्म देता है। कटाई के बाद के मौसम में उत्तर भारत में पीएम 2.5 की वृद्धि में कृषि अवशेषों को जलाना एक प्रमुख कारण माना जाता है।

3) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री जसवंत सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है

मेजर जसवंत सिंह जसोल (1938 –2020) भारतीय सेना के एक अधिकारी और भारतीय कैबिनेट मंत्री थे।

 वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संस्थापक सदस्यों में से एक थे।  2009 में, उनकी पुस्तक - जिन्ना - भारत, विभाजन, स्वतंत्रता - में कथित तौर पर पाकिस्तान के संस्थापक की प्रशंसा करने पर उनकी आलोचना के बाद उन्हें भाजपा से निष्कासित कर दिया गया था।

 1998 और 2004 के बीच वाजपेयी प्रशासन के दौरान, उन्होंने वित्त, विदेश मामलों और रक्षा सहित कई कैबिनेट विभागों का आयोजन किया।

 उन्होंने 1998 और 1999 के बीच योजना आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में भी काम किया।

 उन्होंने 2004 से 2009 तक राज्यसभा में विपक्ष के नेता के रूप में कार्य किया।

4) 26 सितंबर को परमाणु हथियार के कुल उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया गया।

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने परमाणु हथियारों के कुल उन्मूलन के लिए 26 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया।  यह दिवस विश्व समुदाय के लिए एक अवसर प्रदान करता है कि वह वैश्विक परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्राथमिकता के रूप में स्वीकार कर सके।

 2014 के बाद से यह दिवस प्रतिवर्ष मनाया जाता है।

 यह आम सभा द्वारा जन जागरूकता बढ़ाने और परमाणु निरस्त्रीकरण मामलों पर गहन जुड़ाव की कोशिशों की एक श्रृंखला में नवीनतम था।  2009 में, महासभा ने परमाणु परीक्षण के खिलाफ 29 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय दिवस घोषित किया था।

परमाणु हथियारों के निषेध पर संधि परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए पहला बहुपक्षीय कानूनी रूप से बाध्यकारी साधन है। इसको किस वर्ष अपनाया गया था।  
a.    2017
b.    2015
c.    1976
d.    1986

विश्व रोगी सुरक्षा दिवस निम्न में से किस दिन मनाया जाता है?
a.    10 जनवरी
b.    17 सितम्बर
c.    12 मार्च
d.    18 अप्रैल

Monday, September 28, 2020

Bihar Public Service Commission: BPSC 66th Exam Pattern and Details 2020 in Hindi

 BPSC प्रेलिम्स की तैयारी कैसे करें?

हेल्लो दोस्तों,

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 66वीं संयुक्त सिविल सेवा भर्ती परीक्षा की official notification हाल ही में जारी कर दी है, जिसके द्वारा BPCS बिहार राज्य विभिन्न विभागों में पदों को भरने के लिए छात्रों से आवेदन मांगे हैं. और इसके लिए आप BPSC के official website bpsc.bih.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

ऑनलाइन आवेदन करने से पहले आपको BPSC के द्वारा जारी कुछ महत्वपूर्ण तारीखों को भी ध्यान में रखना चाहिए. मसलन online application start date– 28 सितंबर, 2020, online application closing date – 20 अक्टूबर, 2020, Exam date – 27 दिसंबर, 2020.

इस notification के तहत विभिन्न पदों में पुलिस अधीक्षक, जेल अधीक्षक, राज्य कर सहायक आयुक्त, ऊपरी चुनाव अधिकारी, योजना परिचालक, बिहार प्रोबेशन सेवा अधिकारी, अतिरिक्त जिला परिवहन अधिकारी, खाद्य आपूर्ति निरीक्षक, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, राजस्व अधिकारी, ब्लॉक पंचायती राज अधिकारी इत्यादि महत्वपूर्ण हैं

अब चूँकि आपने ये सारे process जान लिया है, और application form भरने के लिए इच्छुक हैं, तो अगला सवाल ये उठता है कि BPSC की परीक्षा के लिए तैयारी की शुरुआत कैसे की जाए? और क्योंकि सबसे पहले prelims एग्जाम होता है, इसीलिए इस विडियो में हम आपको बतायेंगे कि BPSC के Prelims की तैयारी कैसे की जाए

दोस्तों, पिछले 2-3 वर्षों से BPSC के परीक्षाओं के पैटर्न में कई बदलाव हुए हैं, यहां तक कि इसके सिलेबस में भी बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन BPSC प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों के पैटर्न में बहुत बदलाव आया है। बीपीएससी प्रीलिम्स के सिलेबस में कोई वैकल्पिक नहीं है। जबकि यह सामान्य अध्ययन का एक महासागर है जो कई विषयों को कवर करता है। इसीलिए  इस परीक्षा को क्रैक करने के लिए स्मार्ट और अनुशासित रणनीति के साथ कड़ी मेहनत जरूरी है।

तो इससे पहले कि हम तैयारी के strategy के बारे में जानें, पहले हम BPSC Prelims के Exam pattern को समझते हैं:

प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन के केवल एक पेपर शामिल होंगे, जिसमें 100 objective type  प्रश्न होंगे और इसमें अधिकतम 200 अंक होंगे, कुल समय 2 घंटे. गलत उत्तर के लिए कोई Negative Marking नहीं होगा.अब, BPSC प्रीलिम्स की तैयारी कैसे शुरू करें-

1. सबसे पहले BPSC के पूरे सिलेबस से परिचित हो जाएँ- (आप इसके लिए हमारे विडियो को देख सकते हैं)

2. सभी विषयों के 6 से 12 तक एनसीईआरटी किताबों को पढ़ें। 

3. साउंड फाउंडेशन तैयार होने के बाद अगले चरण में विशेष विषयों के अच्छे लेखकों की कुछ महत्वपूर्ण पुस्तकों को पढ़ें

4. करंट अफेयर्स राज्य PSCs में important होते हैं, इसलिए दैनिक समाचार पत्र और एक मासिक पत्रिका जरुर पढ़ें

5. पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करें, और अधिक से अधिक mock टेस्ट देते रहे

6. इसके अलावा, अपनी खुद की टाइम टेबल बनाएं और हर दिन इसका सख्ती से पालन करें, रविवार को साप्ताहिक Revision करें

7. प्रतिदिन करंट अफेयर्स पढ़ें और लेखन अभ्यास करें

8. दुनिया, भारत और बिहार के नक्शे को अपने कमरे के दीवार पर रखें. त्वरित revision के लिए फ्लैश कार्ड और छोटी डायरी का उपयोग करें।

9. पुस्तकों के ढेर के burnout से बचाएँ और कम पुस्तकों को पूरा करने का प्रयास करें।

10. खुद से घबराएं नहीं, जोश और आत्मविश्वास के साथ सब कुछ किया जा सकता है। बस अपनी क्षमता का उपयोग करें और सौ प्रतिशत दें।

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27 September 2020 Daily Current Affairs Show in Hindi | Current Affairs Today

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नमस्कार दोस्तों मेरा नाम अभिषेक है और मैं प्रभात एक्जाम के करंट अफेयर्स शो के chiyaसठ वे एपिसोड में आपका स्वागत करता हूँ।  इस श्रृंखला में हम प्रतियोगी परीक्षा के दृष्टिकोण से दिन के महत्वपूर्ण वर्तमान मामलों को कवर करते हैं।  हम विभिन्न समाचार पत्रों और वेब पोर्टलों से महत्वपूर्ण समाचारों को कवर करते हैं। इस करंट अफेयर शो को देखने के बाद आपको किसी भी न्यूज पोर्टल पर जाने की या न्यूजपेपर पढ़ने की आव्यशकता नहीं है। 

1) वोडाफोन ने भारत के खिलाफ 20,000 करोड़ की मध्यस्थता जीती

हेग स्थित न्यायालय ने निर्णय दिया कि भारत ने 2007 के सौदे के लिए वोडाफोन समूह पर पूंजीगत लाभ और रोक कर के रूप में 22,100 करोड़ रुपये की जो पूर्वव्यापी मांग की वह, "उचित और न्यायसंगत प्रक्रिया का उल्लंघन करती है"।  अदालत ने भारत से वोडाफोन समूह के खिलाफ कर की मांग ना करने का भी निर्देश दिया है।

पूर्वव्यापी कराधान एक देश को कुछ उत्पादों, वस्तुओं या सेवाओं और सौदों पर कर लगाने के लिए एक नियम पारित करने और उन कंपनियों को चार्ज करने की अनुमति देता है, जिन पर कानून पारित हुआ है।

 देश इस मार्ग का उपयोग अपनी कराधान नीतियों में किसी भी तरह की विसंगतियों को ठीक करने के लिए karte है, जो कि अतीत में, कंपनियों को ऐसी कमियों का लाभ उठाने की अनुमति देती थी।

 सरकारें मौजूदा कानूनों को "स्पष्ट" करने के लिए कराधान कानूनों में अक्सर एक पूर्वव्यापी संशोधन का उपयोग करती हैं, यह उन कंपनियों को नुकसान पहुंचाती है जिन्होंने कर नियमों ka जानबूझकर या अनजाने में  ulanghan किया हो।

2) मालदीव ने सार्क मीटिंग में पाकिस्तान के खिलाफ किया भारत का समर्थन:

 इस वर्ष की शुरुआत में ओआईसी में भारत के लिए खड़ा होने के बाद, मालदीव गुरुवार को फिर से सारक विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत के बचाव में आया, जिसने भारत को पाकिस्तान में 19 वें सारक शिखर सम्मेलन के प्रस्ताव को अवरुद्ध करने में मदद की।  इस्लामाबाद शिखर सम्मेलन के लिए मेजबान है जो 2016 में होने वाला था लेकिन उसी साल सीमा पार से आतंकवादियों द्वारा किए गए उरी आतंकी हमले के कारण भारत द्वारा इस आयोजन का बहिष्कार करने के आह्वान के बाद निलंबित कर दिया गया था। 

यह पहली बार नहीं था कि मालदीव ने बहुपक्षीय मंच पर भारत को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की।  मई में एक ओआईसी की बैठक में, मालदीव ने उस संगठन द्वारा किसी भी कार्रवाई का समर्थन करने से इनकार कर दिया, जिसने "इस्लामोफोबिया" के लिए भारत को बाहर कर दिया था।  यहां तक ​​कि जब ओआईसी ने भारत पर हमले करना शुरू किया, तब मालदीव ने कहा कि इस्लामोफोबिया के लिए भारत को बाहर करना न केवल तथ्यात्मक रूप से गलत होगा, बल्कि दक्षिण एशिया में धार्मिक सद्भाव के लिए हानिकारक होगा।

 मालदीव को भारत द्वारा कोविद -19 के दौरान दिए गए 250 मिलियन डॉलर का वित्तीय पैकेज मालदीव को मिला सबसे बड़ा वित्तीय समर्थन था।  2018 में दिए 1.4 बिलियन डॉलर और सामुदायिक परियोजनाओं के लिए नकद अनुदान के साथ, भारत मालदीव का अब तक का सबसे बड़ा दानदाता है।

3) 1 नवंबर से शुरू होंगी क्लासेस:

 विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नवीनतम दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए शैक्षिक सत्र 2020-21 1 नवंबर से शुरू होगा, जिसने शैक्षणिक संस्थानों को अक्टूबर 2020 तक प्रवेश / प्रवेश-आधारित प्रवेश प्रक्रिया को पूरा करने का निर्देश दिया है।  ।

 हालांकि, योग्यता परीक्षाओं के परिणामों की घोषणा में देरी के मामले में, विश्वविद्यालय 18 नवंबर से सत्र शुरू कर सकते हैं, यूजीसी द्वारा जारी किए गए नवीनतम दिशानिर्देश कहते हैं।

यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को शैक्षणिक सत्र 2020-21 और 2021-22 के लिए छह-दिवसीय सप्ताह के पैटर्न का पालन करने के लिए कहा है।


विश्व रोगी सुरक्षा दिवस निम्न में से किस दिन मनाया जाता है?

a.    10 जनवरी

b.    17 सितम्बर

c.    12 मार्च

d.    18 अप्रैल

किस देश ने हाल ही में चीन से कपास, बाल सम्बन्धी उत्पादों, कंप्यूटर घटकों और कुछ वस्त्रों सहित आठ चीनी वस्तुओं पर प्रतिबंध लगा दिया है?

a.    अमेरिका

b.    नेपाल

c.    पाकिस्तान

d.    बांग्लादेश


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UPSC 2020 की तैयारी के लिए NCERT Books कैसे पढ़ें?

यदि आप यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो ये संभव है कि आप अब तक कई बार सुन चुके होंगे कि एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों को अच्छी तरह से पढ़ें. ’वास्तव में, इस कथन को कदापि गलत नहीं ठहराया जा सकता है, क्योंकि कुछ सम्बन्ध इसका UPSC से इस तरह है कि इसके बिना आप UPSC को क्रैक करने का सोच नहीं सकते.  आप UPSC परीक्षा के लिए आवश्यक सभी अन्य पुस्तकों को पढ़ सकते हैं, लेकिन सुनिश्चित करें कि आपने NCERT पाठ्यपुस्तकों को कक्षा छठी से बारहवीं कक्षा तक अच्छे से पढ़ा है. आज इस विडियो के जरिये हम आपको UPSC परीक्षा के लिए NCERT का अध्ययन कैसे किया जाए इसके बारे में कुछ टिप्स शेयर करेंगे 

तो सबसे पहले क्या एनसीईआरटी पुस्तकों को पढ़ना आवश्यक है?

हां, और उसके ये कारण हैं:

१. एनसीईआरटी किताबें पूरी तरह विश्वसनीय हैं उनमें दी गई जानकारी को सच और प्रामाणिक के रूप में लिया जा सकता है.

२. उदाहरण के लिये, एनसीईआरटी पुस्तकों में प्राचीन, मध्ययुगीन और आधुनिक भारत और विश्व इतिहास के बारे में जानने वाली बुनियादी चीजों को शामिल किया गया है.

३. इन पुस्तकों की भाषा सरल है.

४. एनसीईआरटी पुस्तकों से कभी-कभी प्रश्न पूछे जाते हैं.

कौन सा संस्करण बेहतर है? नया या पुराना?

दोनों संस्करण काफी अच्छे हैं. उदाहरण के लिये, आधुनिक भारतीय इतिहास के लिए पुरानी किताब जो बिपन चंद्रा द्वारा लिखित है वह बेहतर है क्योंकि इससे कई प्रश्न सीधे-सीधे उठाए जाते हैं 

एनसीईआरटी पुस्तकों को कैसे पढ़ते हैं?

प्रत्येक अध्याय के अंत में प्रश्नों के माध्यम से जाओ और फिर अध्याय पढ़ें इससे प्रत्येक विषय और घटना के तुलनात्मक महत्व को समझने में सहायता मिलेगी और महत्वपूर्ण विषयों से प्रश्न पूछे जाने की अधिक संभावना है 

यदि एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों को पढ़ा तो मैं कितने अंक हासिल कर सकता हूं

उस पर एक अनुमान लगाना असंभव है लेकिन एनसीईआरटी पढ़ने से आप बुनियादी तौर पर मजबूत हो सकते हैं जो सीधे या परोक्ष रूप से आपको कई सवालों के जवाब देने और अंक प्राप्त करने में मदद मिलती हैं 

क्या स्पेक्ट्रम की आधुनिक इतिहास जैसी पुस्तकों को पढ़ने के लिए पर्याप्त नहीं है?

एनसीईआरटी की किताबें केवल शुरुआत करने के लिए ही उचित नहीं हैं बल्कि विभिन्न विषयों को संशोधित करने के लिए भी बहुत उपयोगी हैं, क्योंकि ये यथासंभव कम वाक्यों में ही विषय की व्यापक जानकारी प्रदान करती हैं. अपनी तैयारी के लिये आप अन्य पुस्तकों के साथ इनका उपयोग कर सकते हैं  

क्या एनसीईआरटी पुस्तकों के नोट्स बनाने की आवश्यकता है?

तैयारी के अंतिम चरण में महत्वपूर्ण बिंदुओं को दोहराना करना और उन्हें संशोधित करना अध्ययन के लिये पर्याप्त होता है  

एनसीईआरटी किताबें कितनी बार पढ़नी चाहिए?

यह अभ्यर्थी द्वारा किसी विषय या घटना और उसके महत्व की समझ के स्तर पर निर्भर करता है, यदि किसी भी तरह की शंका हो तो विषय को दोहराने में कोई आपत्ति नही होने चाहिये. एनसीईआरटी किताबों को कम से कम 3 महीने पहले से पढ़ना और समझना शुरू कर देना चाहिए और शुरू करने से पहले लक्ष्य रखें (जैसे आधुनिक भारत की एनसीईआरटी बुक के लिए 5 दिन बोलें) और इसी रणनीति के आधार पर आगे बढ़ें, ताकि आप अपना ध्यान केंद्रित कर सकें 

क्या यह एनआईसीईआर टेक्स्ट बुक कक्षा सात (७) से दस (१०) तक पढ़ना जरूरी है?

ध्यान रखें कि निचली कक्षा की पाठ्यपुस्तकों को पढ़ना बिल्कुल भी कठिन नहीं होता क्योंकि वे बहुत ही ज्यादा सरल होती हैं, और आप एक हफ्ते में उन्हें समाप्त कर सकते हैं 

नौकरी करते समय तैयारी करने वाले लोगों में एनसीईआरटी पुस्तकों को पढ़नें के लिये समय निकालना भी एक समस्या है. समय की बाधाओं वाले लोगों के लिए यह अधिक महत्वपूर्ण है कि वो समझें कि यह एकमात्र स्रोत है जो विषयों की संक्षिप्त और सरल तरीके से लगभग सभी बुनियादी जानकारी देता है और यह उन्हें पढ़ने के लिए ज्यादा समय भी नहीं लेता है 


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