Friday, October 30, 2020

30 OCTOBER 2020 Current Affairs in Hindi | Current Affairs Today | Daily Current Affairs Show |  Prabhat Exam

इस श्रृंखला में हम प्रतियोगी परीक्षा के दृष्टिकोण से दिन के महत्वपूर्ण वर्तमान मामलों को कवर करते हैं। हम विभिन्न समाचार पत्रों और वेब पोर्टलों से महत्वपूर्ण समाचारों को कवर करते हैं। इस करंट अफेयर शो को देखने के बाद आपको किसी भी न्यूज पोर्टल पर जाने की या न्यूजपेपर पढ़ने की आव्यशकता नहीं है।


 

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    1) सऊदी अरब ने पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान को पाकिस्तान के नक्शे से हटाया

 मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी अरब ने जी -20 शिखर सम्मेलन के आयोजन की अपनी अध्यक्षता के लिए एक 20 रियाल (ध्यान दे कि सऊदी की करंसी रियाल है) का बैंकनोट जारी किया, और बैंकनोट पर प्रदर्शित विश्व मानचित्र में गिलगित-बाल्टिस्तान और कश्मीर को पाकिस्तान के हिस्सों के रूप में नहीं दिखाया गया है।

मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि सऊदी अरब का यह कदम पाकिस्तान को अपमानित करने के किसी प्रयास से कम नहीं है। गौर करने वाली बात यह है कि इमरान खान सरकार ने कुछ ही समय पहले पाकिस्तान के नए राजनीतिक मानचित्र को जारी किया था, जिसमें जम्मू और कश्मीर, गुजरात के जूनागढ़, सर क्रीक, और लद्दाख के एक हिस्से को पाकिस्तान की सीमा के अन्तर्गत दिखाया गया था।


      2) टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) रैंकिंग-   

   द टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) रैंकिंग ने कल 2021 के लिए विषयो के आधार पर वैश्विक रैंकिंग जारी की है। 11 विषयों में कुल 1,512 विश्वविद्यालय को मापा गया है।  इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस को कंप्यूटर साइंस स्ट्रीम में 96 वां स्थान और इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी में 94 वां स्थान मिला है, हालांकि, अन्य भारतीय यूनिवर्सिटी में से कोई भी किसी भी स्ट्रीम में शीर्ष स्लॉट में जगह नहीं बना सका।

 


 अमेरिका स्थित विश्वविद्यालयों ने नौ विषय क्षेत्रों में शीर्ष स्थान हासिल करके रैंकिंग में वर्चस्व कायम किया है।


       3)भारत ने किया फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों का समर्थन 

       भारत ने बुधवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के कट्टरपंथी इस्लाम पर कड़े रुख के बाद उनके खिलाफ व्यक्तिगत हमलों की कड़ी निन्दा की है। भारत ने इसे अंतरराष्ट्रीय विमर्श के सबसे बुनियादी मानकों का उल्लंघन बताया।

            


भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने फ्रांस में एक शिक्षक पे हुए हमले की निंदा की, और जोर देकर कहा कि किसी भी परिस्थिति में आतंकवाद का कोई औचित्य नहीं है।  विदेश मंत्रालय के इस बयान के बाद, भारत में फ्रांस के राजदूत इमैनुएल लेनिन ने भारत को धन्यवाद देते हुए कहा कि दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक दूसरे पर भरोसा कर सकते हैं। कट्टरपंथी इस्लाम पर कड़ा रुख अपनाने और पैगंबर मोहम्मद के कार्टून का बचाव करने के बाद मैक्रोन को विभिन्न मुस्लिम- देशों से आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।  फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने अपने एक बयान में कहा था कहा था कि इस्लाम धर्म "संकट" में है जिसपे मुस्लिम देशों ने उनकी आलोचना की।


      4)COMMISSION FOR AIR QUALITY MANAGEMENT IN NATIONAL CAPITAL REGION 

      राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आस-पास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए एक आयोग गठित करने के लिए एक अध्यादेश की घोषणा की है।


       आयोग एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता की समस्याओं के बेहतर समन्वय, अनुसंधान, पहचान और समाधान की दिशा में काम करेगा।


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Friday, October 23, 2020

23 OCTOBER 2020 Current Affairs in Hindi | Current Affairs Today | Daily Current Affairs Show



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Thursday, October 15, 2020

ऐसी गलतियाँ जो IAS की तैयारी करने बाले व्यक्ति को कभी नही करनी चाहिये

दोस्तो गलतियां सभी इंसान करते है , लेकिन अगर हमें पहले से पता हो कि तैयारी के दौरान हमें क्या गलतियां नही करनी चाहिये तो शायद हम उन गलतियों को करने से बच सकते है जो आपकी तैयारी में बाधा डाल सकती है !

 
इस विडियो में हम आपको ऐसी ही गलतियां बताने जा रहे है जो हमें IAS की तैयारी के दौरान कभी नही करनी चाहिये !

(1) आखिर क्यों हम एक किताब 10 बार पढ़ने की बजाय 10 तरह की किताबें पढ़ना ज्यादा पसंद करते हैं ! Ex . – सिविल सेवा की तैयारी करने वाला छात्र अपने घर को लाइब्रेरी बनाकर बैठ जाता है … सफलता बहुत सी किताबें पढ़ने से नहीं बल्कि एक किताब को बहुत बार पढ़ने से मिलती है !

(2) आखिर क्यों हम सीखने के समय में सीखने की बजाय सिखाना ज्यादा पसंद करते हैं ! Ex . – हर रोज प्रतियोगी छात्र फरमान जारी करते हैं …मैं आईएएस की तैयारी के लिए ग्रुप बना रहा हूँ ... अपना no .कमेंट बॉक्स में लिखिए ……” मेरे प्यारे भाई इस समय आपका एक एक सेकंड अमूल्य है …कृपया पहले आप बन जाइये फिर और ज्यादा ऊर्जा और संसाधनों के साथ आप सबकी मदद कर पाएंगे ” !

(3) आखिर क्यों हम एक ही मार्गदर्शक पर यकीन नहीं रख पाते हर रोज नए मार्गदर्शक की खोज में लगे रहते हैं …सभी का अपना एक अलग तरीका होता है …और उस चक्कर में आपकी अपनी तैयारी कभी पटरी में आ ही नहीं पाती …हमेशा नयी शुरुआत करते रह जाते हैं !

(4) आखिर क्यों हमारे लिए अपनी जीत से ज्यादा दूसरे की हार मायने रखती है ! ( Ex . – ” मैं तो कम से कम मुख्य परीक्षा तक पहुँच गया था उसको देखो वो तो प्रारंभिक परीक्षा भी नहीं पास कर पाया .””…और इसके साथ ही आप खुद को तसल्ली दे देते हो …पर आपको कौन सा मुख्य परीक्षा पास करने का प्रमाण पत्र मिल गया …ये भी बता दीजिये !

(5) आखिर क्यों हम सब सपने तो हमेशा बड़े देखते हैं लेकिन मात्र 10 प्रतिशत लोग ही उसकी कीमत चुकाने को तैयार होते हैं ! ( Ex . – बनना तो कलेक्टर ही है पर 8 घंटे सोना नहीं छोड़ सकते ….और न ही 8 घंटे पढ़ने में मन लग सकता …तो भाई इंतजार करो शायद कोई बाबा किसी घुंटी का अविष्कार कर दे …जो आपको सीधे मसूरी भेज दे

(6) आखिर क्यों हम हर काम या नयी शुरुआत को कल पर टाल देते हैं ….और वो भी इतने यकीन के साथ जैसे हम कल का दिन देखने ही वाले हों !

(7) आखिर क्यों हम अपनी नाकामी का सेहरा हमेशा दूसरों के सर पर मढ़ देते हैं ….. असल में उनका हम कुछ नहीं बिगाड़ते …अपने साथ ही सबसे बड़ा धोखा करते हैं .!!

(8) आखिर क्यों अपने ही मष्तिष्क पर हमारा नियंत्रण नहीं रह पाता….हम जानते हैं कि इस समय ये चीजें हमारे लिए बुरी हैं पर फिर भी हम कर डालते हैं …और बाद में खुद को समझा देते हैं कि आगे से ऐसा नहीं होगा और फिर अगली बार होता है …और फिर से आप यही लाइन दोहरा लेते हैं !

(9) आखिर क्यों हम अपने समय की कीमत नहीं समझ पाते.. और उसे यूँ बर्बाद करते हैं जैसे ऊपर वाले के साथ 500 साल का एग्रीमेंट करके आये हो …..जरा सोच लो अगर अगले ही पल आपके सामने मौत खड़ी हो ..तो क्या छोड़ कर जा रहे हो यहाँ जिससे लोग आपको याद रखें ..”” कुछ नहीं किया अब तक मेरे भाई ..मत सोच इतना “” ?

(10) आखिर क्यों हम हम हर दिन कुछ नया पढ़ते हैं …जैसे फेसबुक में में ही कोई नया मोटिवेशनल थॉट ही लेलो ” …….और उसके नीचे ”wawका कमेंट भी कर देते हैं …. जरा सोचो कि कितनी बार अपने ऐसा किया ? …शायद सैकड़ों बार …..पर उसमें से कितनी लाइन्स को खुद की जिंदगी पर लागू किया ..? ..अगर एक लाइन भी लागू कर देते मेरे दोस्त तो आपकी जिंदगी उसी वक़्त बदल जाती


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UPSC IAS परीक्षा: आसान या कठिन ? || UPSC Exam

अक्सर लोगों में इस बात की चिंता होती है कि अमुक परीक्षा सरल यानि कि आसन होता है या कठिन. और कुछ अभ्यर्थी इसीलिए भी किसी परीक्षा की तैयारी शुरू नहीं कर पाते क्योंकि उन्हें उस परीक्षा की कठिनता से डर लगता है, चाहे उनमें उस परीक्षा को पास करने का पूरा दम ख़म क्यों ना हो. ऐसे ही कुछ सवाल आईएएस परीक्षा के बारे में भी पूछ जाता है कि यह परीक्षा कठिन है या आसान. और इसका उत्तर पाना इतना आसन नहीं है क्योंकि किसी भी परीक्षा की सरलता या कठिनता अभ्यर्थी के लगन, मेहनत, अनुशासन, दृढ़ता इत्यादि पर निर्भर करता है

ऐसे में यदि मैं आपसे पूछूं कि सिविल सर्विस की परीक्षा बड़ी होती है, या छोटी, तो आपका ही नहीं, बल्कि लगभग-लगभग सभी का एक जैसा ही जवाब होगा-‘‘बड़ी’’। हाँ, यदि मैं इस जवाब को सुनने के बाद फिर से यह प्रश्न करूं कि बड़ी क्यों?’ तो इसके उत्तर एक जैसे नहीं होंगे। कुछ तो सोच में भी पड़ जायेंगे कि वे क्या कहें। आइये, इस स्थिति पर थोड़ा विचार करते हैं।

सामान्यतया, जब हम अधिकांशत प्रश्नों के उत्तर देते हैं, तो वे उत्तर हमारी अपनी धारणाओं से निकलकर आते हैं। और मुश्किल यह है कि जिन्हें हम ‘‘मेरी धारणा’’, ‘‘मेरे विचार’ और यहाँ तक कि ‘मेरा अनुभव’ कहते हैं, वे मेरे होते ही नहीं हैं। वे दूसरों के होते हैं। यानी कि समूह के होते हैं, समाज के होते हैं। मैं जीवन भर उन परम्परागत धारणाओं को  ‘अपनी धारणा’ मानने की गलतफहमी में जीता रहता हूँ, जिनमें ‘मैं’ होता ही नहीं है।

अब आप मेरी इस बात को सिविल सर्विस परीक्षा के बारे में ऊपर पूछे गये प्रश्न पर लागू करके सोचिए। आपको कुछ मजेदार तथ्य जानने को मिलेंगे। क्या ऐसा नहीं है कि चूंकि आप शुरू से यही सुनते आये हैं कि ‘‘यह बहुत बड़ी परीक्षा है’’, इसलिए आप भी कहने लगे हैं कि ऐसा ही है। मैं यहाँ उस आम आदमी की बात नहीं कर रहा हूँ, जिसका इससे कुछ लेना-देना नहीं है। बावजूद इसके उसके दिमाग में इसके बारे में बड़ी होने की बात बैठी हुई है। मेरा संबंध आप जैसे उन युवाओं से है, जो इसके बारे में सोच रहे हैं, खुद जूझ रहे हैं और कुछ जूझने के बाद या तो पार पा गये हैं, या इस दौड़ से बाहर हो गये हैं।

यदि आप कहते हैं कि यह एक बड़ी परीक्षा है, तो क्या आप मुझे इसके बड़े होने का कोई पैमाना बता पायेंगे; जैसे कि-

इससे मिलने वाली नौकरी सबसे बड़ी होती है।

इसमें बड़ी संख्या में प्रतियोगी बैठते हैं।

इसका पाठ्यक्रम बड़ा है।

इसके पेपर कठिन होते हैं।

इसमें सफल होना मुश्किल होता है।

इसकी तैयारी में बहुत लम्बा समय लगता है, आदि-आदि।

दोस्तों, आपका उत्तर इनमें से चाहे कोई भी एक हो या कई-कई अथवा सभी हों, उत्तर पूरी तरह सही नहीं है। यदि आप इन एक-एक कारणों पर थोड़ी भी गम्भीरता से विचार करेंगे, तो पायेंगे कि अन्य कई प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ भी स्थितियां कमोवेश ऐसी ही हैं, सिवाय उस पहले बिन्दु के कि ‘इससे मिलने वाली नौकरी सबसे बड़ी होती है। ऐसे कई युवा थे, जिनके लिए मध्यप्रदेश में पटवारी के पद के लिए होने वाली परीक्षा बेहद तनावपूर्ण और सिरदर्द बनी हुई थी। इसकी परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की संख्या तो इतनी ज्यादा थी कि परीक्षा लेने का सिस्टम ही ढह गया और परीक्षा स्थगित करनी पड़ी। शायद अब आप थोड़ा-थोड़ा समझ रहे होंगे कि दरअसल, हम कहना क्या चाह रहे हैं।

दरअसल बात ये है कि ‘समाज के सच’ एवं ‘व्यक्ति के सच’ में बहुत फर्क होता है। कभी-कभी तो ये दोनों एक-दूसरे के बिल्कुल विरोधी ही हो जाते हैं। इन दोनों को एक मानकर हम सत्य के स्वरूप के साथ अनजाने ही एक अपवित्र समझौता कर लेते हैं। जैसे ही यह होता है, हमारे लिए चुनौती बढ़ जाती है, क्योंकि अब हम सत्य को देख ही नहीं पा रहे हैं। इसे ही कहा जाता है ‘अंधेरे में तलवार भांजना’। आपको दुश्मन दिखाई नहीं दे रहा है। लेकिन आप वार पर वार किये जा रहे हैं। क्या आपको नहीं लगता कि ऐसा करना अनावश्यक श्रम करना होगा ?

जब हम इस बात का जवाब दे रहे होते हैं कि अमुक सरल है या कठिन, छोटा है या बड़ा, तो वस्तुतः इस जवाब से स्वयं को खारिज कर देते हैं। और यही हमसे भयानक भूल हो जाती है। जबकि इस प्रश्न का सही उत्तर ‘दो की तुलना’ में निहित है। इनमें से एक है, सिविल सर्विस की परीक्षा तथा दूसरा है ‘परीक्षा देने वाला’ यानी कि आप। दुनिया के लिए यह बहुत कठिन परीक्षा हो सकती है। लेकिन आपको देखना यह है कि यह आपके लिए क्या है-सरल या कठिन या इन दोनों के बीच की। ‘आप’ यानी कि आपकी क्षमता, ‘आप’ यानी कि आपका हौसला। परीक्षा और आपके बीच के इस समानुपातिक संबंध को आपको समझना होगा। तभी आप इस परीक्षा की तैयारी के साथ न्याय कर पायेंगे, और खुद के साथ भी।

अगर आप फिर भी ये पूछेंगे कि यह परीक्षा कठिन या सरल है, तो ये कहना मुश्किल होगा क्योंकि अगर में सरल कहूँगी तो आप तैयारी के प्रति बेहद ढीलाई बरतने लगते हैं। और कठिन बताने पर शुरू करने से पहले ही हथियार डाल देने का खतरा दिखाई देने लगता है। यदि अंतिम बात कहो, तो वह उनके पल्ले ही नहीं पड़ता। उसे वे बरगलाने वाला कथन मान लेते हैं। तो फिर किया क्या जाये? आइए, इसे समझने की कोशिश करते हैं।

संघ लोक सेवा आयोग हर साल अपनी एक वार्षिक रिपोर्ट निकालता है, जिसमें सिविल सेवा परीक्षा में सफल उम्मीदवारों की विभिन्न पृष्ठभूमियों को आँकड़ों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। इस रिपोर्ट में यह उल्लेख मिलता है कि प्रतिवर्ष सफल होने वाले स्टूडेन्ट्स में लगभग 50 प्रतिशत स्टूडेन्ट्स वे होते हैं, जिनकी महाविद्यालयीन डिग्री द्वितीय श्रेणी की है। रिजल्ट के ऐसे परिदृश्य में आप ही यह निष्कर्ष निकालें कि यह परीक्षा, जिसे सिविल सेवा परीक्षा के नाम से नहीं, आई.ए.एस. की परीक्षा’ के नाम से जाना जाता है, सरल है या कठिन है।

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15 October 2020 Daily Current Affairs Show in Hindi || Current Affairs Today

इस श्रृंखला में हम प्रतियोगी परीक्षा के दृष्टिकोण से दिन के महत्वपूर्ण वर्तमान मामलों को कवर करते हैं।  हम विभिन्न समाचार पत्रों और वेब पोर्टलों से महत्वपूर्ण समाचारों को कवर करते हैं। इस करंट अफेयर शो को देखने के बाद आपको किसी भी न्यूज पोर्टल पर जाने की या न्यूजपेपर पढ़ने की आव्यशकता नहीं है।

1)नाइट्रस ऑक्साइड के मानव उत्सर्जन

  • हाल के निष्कर्षों के अनुसार 1980 और 2016 के बीच मानव उत्सर्जन नाइट्रस ऑक्साइड (N2O) में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
  • इसका वैश्विक संकेंद्रण स्तर 1750 में 270 भागों प्रति बिलियन (पीपीपी) से बढ़कर 2018 में 331 पीपीबी हो गया, जो कि 20 प्रतिशत की छलांग है।
  • पिछले पांच दशकों में मानव उत्सर्जन के कारण विकास सबसे तेज हुआ है।
  • यह भी पाया गया है कि पिछले चार दशकों में एन 2 ओ उत्सर्जन का एक बड़ा हिस्सा कृषि क्षेत्र से आया था, जिसका मुख्य कारण नाइट्रोजन आधारित उर्वरकों का उपयोग था।
  • अधिकांश एन 2 ओ उत्सर्जन भारत, चीन और ब्राजील जैसे उभरते देशों से आया है।
  • इसके उत्सर्जन में वृद्धि का मतलब है कि वायुमंडल पर जलवायु का बोझ गैर-कार्बन स्रोतों के साथ-साथ बढ़ रहा है, जबकि वैश्विक जलवायु परिवर्तन वार्ताओं का प्रमुख ध्यान वर्तमान में कार्बन के उत्सर्जन और शमन पर केंद्रित है।

नाइट्रस ऑक्साइड (N2O)

  • नाइट्रस ऑक्साइड पृथ्वी पर मनुष्यों के स्थायी अस्तित्व के लिए एक खतरनाक गैस है।
  • ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेदार ग्रीनहाउस गैसों के बीच हमारे वायुमंडल में यह तीसरी सबसे बड़ी एकाग्रता (Co2 और मीथेन अन्य दो गैसें हैं) हैं।
  • एन 2 ओ 125 वर्ष तक वातावरण में रह सकता है।
  • N2O ओज़ोन परत के लिए भी एकमात्र बचा हुआ खतरा है, क्योंकि यह CO2 की तरह लंबे समय तक वातावरण में जमा होता है।

2) ‘स्वामित्व योजना’

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2020 को लोकनायक जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख की जयंती पर स्वामित्व योजना की शुरुआत की है

स्वामित्व योजना क्या है?

  • स्वामित्व योजना पंचायती राज मंत्रालय की योजना है. प्रधानमंत्री ने 24 अप्रैल 2020 को राष्ट्रीय पंचायती दिवस पर इसकी शुरूआत की थी. योजना का उदेश्य ग्रामीण क्षेत्रों में घरों के मालिकों को अधिकार संबंधी रिकार्ड से संबद्ध संपत्ति कार्ड उपलब्ध कराना है. पीएमओ के मुताबिक इस योजना को चरणबद्ध तरीके से चार साल (2020-24) में पूरे देश में लागू किया जाना है. इसके दायरे में लगभग 6.62 लाख गांव आएंगे
  • प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने इस योजना को ग्रामीण भारत में बदलाव लाने वाली ऐतिहासिक पहल बताया है
  • सरकार की इस पहल से ग्रामीणों को अपनी जमीन और संपत्ति को एक वित्तीय संपत्ति के तौर पर इस्तेमाल करने की सुविधा मिलेगी जिसके एवज में वह बैंकों से कर्ज और दूसरा वित्तीय फायदा उठा सकेंगे
  • योजना की लॉन्चिंग के ये लाभार्थी छह राज्यों के 763 गाँवों से हैं. इनमें उत्तर प्रदेश के 346, हरियाणा के 221, महाराष्ट्र के 100, मध्य प्रदेश के 44, उत्तराखंड के 50 और कर्नाटक के दो गांव शामिल हैं
  • बयान के मुताबिक महाराष्ट्र को छोड़कर इन सभी राज्यों के लाभार्थियों को एक दिन के भीतर अपने संपत्ति कार्ड की भौतिक रूप से प्रतियां प्राप्त होंगी. महाराष्ट्र में संपत्ति कार्डों के लिये कुछ राशि लिये जाने की व्यवस्था है, इसलिए इसमें एक महीने का समय लगेगा

3) RBI मौद्रिक नीति 2020

  • मौद्रिक नीति रिपोर्ट आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) द्वारा प्रकाशित की जाती है।
  • एमपीसी, आरबीआई अधिनियम, 1934 के तहत मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए एक सांविधिक और संस्थागत ढांचा है, जबकि विकास के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए।
  • MPC मुद्रास्फीति लक्ष्य (4%) को प्राप्त करने के लिए आवश्यक नीतिगत ब्याज दर (रेपो दर) निर्धारित करता है।

 रेपो दर

  • यह वह दर है जिस पर किसी देश के केंद्रीय बैंक (भारतीय रिजर्व बैंक के मामले में भारतीय रिज़र्व बैंक) किसी भी तरह की धनराशि की कमी होने पर वाणिज्यिक बैंकों को धन देता है।
  • इसका उपयोग मौद्रिक अधिकारियों द्वारा मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।
  • मुद्रास्फीति की स्थिति में, केंद्रीय बैंक रेपो दर में वृद्धि करते हैं क्योंकि यह केंद्रीय बैंक से उधार लेने के लिए बैंकों के लिए एक विघटनकारी के रूप में कार्य करता है।
  • यह अंततः अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति को कम करता है और इस प्रकार मुद्रास्फीति को गिरफ्तार करने में मदद करता है।
  • मुद्रास्फीति के दबाव में गिरावट की स्थिति में केंद्रीय बैंक इसके विपरीत स्थिति लेता है।
  • आदर्श रूप में, सामान्य जनता के लिए कम रेपो दर को कम लागत वाले ऋण में बदलना चाहिए।
  • जब RBI अपनी रेपो दर को घटाता है, तो यह बैंकों से अपेक्षा करता है कि वे ऋण पर लगाए गए ब्याज दरों को कम करें।
  • RBI का गवर्नर MPC का पदेन अध्यक्ष होता है।
  • हाल ही में RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो दर को चार प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा।
  • इसने महामारी के बीच विकास का समर्थन करने के लिए अपनी मौद्रिक नीति को बनाए रखने का फैसला किया।

RBI द्वारा उद्धृत कारण निम्नानुसार हैं:

  • कोरोनोवायरस महामारी के कारण होने वाले अवरोधों के कारण भारत की जीडीपी चालू वित्त वर्ष में 9.5 प्रतिशत की दर से अनुबंध करेगी।
  • मुद्रास्फीति पर, RBI को लगातार गिरावट की उम्मीद है।   

4) इसरो अपनी सुविधायें निजी क्षेत्र के लिए खोलने को है तैयार:

  • केंद्रीय मंत्री ने यह बताया है कि, भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र की यात्रा में निजी क्षेत्र सह-यात्री होगा और निजी कंपनियों को अंतरिक्ष-आधारित गतिविधियों और उपग्रह प्रक्षेपण में समान अवसर प्रदान किया जाएगा
  •  निजी क्षेत्र के लिए अपनी सुविधायें खोलने के लिए इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) पूरी तरह से तैयार है
  •  स्वतंत्र भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि, बाहरी अंतरिक्ष यात्रा और ग्रहों की खोज से संबंधित भविष्य की परियोजनाएं निजी क्षेत्र के लिए भी खुलेंगी

भारत और अमेरिका के बाद जिस देश ने टिकटॉक ऐप को बैन कर दिया है- 

  1. अमेरिका
  2. स्पेन
  3. ताइवान
  4. पाकिस्तान

किसके शासनकाल में बौध धर्म को हीनयान और महायान भाग में बाटा गया?

  1. हर्षवर्धन
  2. चन्द्रगुप्त मौर्य
  3. अशोक
  4. कनिष्क


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Wednesday, October 14, 2020

14 October 2020 Daily Current Affairs Show in Hindi || Current Affairs Today

इस श्रृंखला में हम प्रतियोगी परीक्षा के दृष्टिकोण से दिन के महत्वपूर्ण वर्तमान मामलों को कवर करते हैं।  हम विभिन्न समाचार पत्रों और वेब पोर्टलों से महत्वपूर्ण समाचारों को कवर करते हैं। इस करंट अफेयर शो को देखने के बाद आपको किसी भी न्यूज पोर्टल पर जाने की या न्यूजपेपर पढ़ने की आव्यशकता नहीं है।

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1) BRO ने बनाए 44पुल:

  • पश्चिमी, उत्तरी और उत्तर-पूर्वी सीमाओं के करीब संवेदनशील क्षेत्रों में सड़कों और पुलों की कनेक्टिविटी में एक नए युग में शुरुआत करते हुए, रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने आज 44 प्रमुख स्थायी पुलों को राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में नेचिपु सुरंग के लिए आधारशिला भी रखी। ये पुल रणनीतिक महत्व के हैं और दूरदराज के क्षेत्रों को कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं। ये 44 पुल सात राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में फैले हुए हैं। 
  • सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका के लिए बीआरओ की सराहना करते हुए, श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इन पुलों ने पश्चिमी, उत्तरी और उत्तर-पूर्व क्षेत्रों के दूर-दराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी में सुधार किया और स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं को पूरा किया। उन्होंने कहा कि इनसे पूरे वर्ष सशस्त्र बलों के परिवहन और रसद संबंधी आवश्यकताएं भी पूरी होंगी।
  • श्री राजनाथ सिंह ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग की सड़क पर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नेचिपु सुरंग की आधारशिला भी रखी। यह 450 मीटर लंबी, दो लेनों वाली सुरंग नेचिपु पास में सभी मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में एक सुरक्षित मार्ग प्रदान करेगी।

2) केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कोविड-19 महामारी के कारण लागू किए गए लॉकडाउन के बाद आर्थिक सुस्‍ती से लड़ने के प्रयासों के तहत आज यहां अर्थव्यवस्था में उपभोक्ता खर्च को प्रोत्साहित करने के लिए 73,000 करोड़ रुपये के उपायों की घोषणा की।

  • मांग बढ़ाने में सहायक इस प्रोत्साहन (स्टिमुलस) पैकेज की घोषणा करते हुए श्रीमती सीतारमण ने कहा, ‘ऐसे संकेत मिले हैं कि सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों की भी बचत में अच्‍छी-खासी वृद्धि हुई है और हम विभिन्‍न वस्‍तुओं एवं सेवाओं की मांग को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के लोगों को प्रोत्साहित करना चाहते हैं, ताकि कम भाग्यशाली व्‍यक्तियों का भी भला हो सके।’  वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि यदि आज घोषित किए गए प्रोत्साहन (स्टिमुलस) उपायों की बदौलत विभिन्‍न वस्‍तुओं एवं सेवाओं की मांग बढ़ती है, तो इसका सकारात्‍मक प्रभाव उन लोगों या कारोबारियों पर भी पड़ेगा जो कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और जो अपने व्यवसाय को निरंतर जारी रखने के लिए विभिन्‍न वस्‍तुओं एवं सेवाओं की मांग बढ़ने का इंतजार बड़ी बेसब्री से कर रहे हैं।
  • सरकार ने 2018-21 के दौरान एलटीसी के बदले नकद भुगतान देने का फैसला किया है, जिसमें शामिल होगा:
  • छुट्टी नकदीकरण पर पूर्ण भुगतान और
  • पात्रता की श्रेणी के आधार पर 3 फ्लैट-दर वाले स्लैब में किराए का भुगतान
  • किराया भुगतान कर मुक्त होगा
  • इस योजना का उपयोग करने वाले कर्मचारी को 31 मार्च 2021 से पहले किराए के मूल्य का तीन गुना और छुट्टी नकदीकरण के मूल्य का एक गुना सामान / सेवाएं खरीदनी होंगी।
  • इस योजना के लिए यह भी आवश्यक है कि इस पैसे को डिजिटल मोड के माध्यम से जीएसटी पंजीकृत विक्रेता से 12 प्रतिशत या अधिक की जीएसटी दर वाले सामान पर ही खर्च किया जाए। इसका लाभ उठाने के लिए कर्मचारी को जीएसटी चालान दिखाना आवश्यक है।
  • सभी केन्‍द्र सरकार के कर्मचारी अपने त्‍योहार की पसंद के आधार पर 31 मार्च, 2021 तक खर्च की जाने वाली 10,000 रुपये की ब्याज मुक्त एडवांस राशि प्राप्त कर सकते हैं। यह ब्‍याज मुक्‍त एडवांस राशि कर्मचारी से अधिक से अधिक 10 किश्तों में वसूलनीय है।

3) प्रधानमंत्री ने राजमाता विजया राजे सिंधिया के जन्मशती समारोह के समापन के उपलक्ष्य में 100 रुपये के मूल्य का विशेष स्मारक सिक्का जारी किया

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राजमाता विजया राजे सिंधिया के जन्मशती समारोह के समापन के उपलक्ष्य में 100 रुपये के मूल्य का विशेष स्मारक सिक्का जारी किया। उन्होंने राजमाता को उनकी जयंती के अवसर पर श्रद्धाजंलि भी अर्पित की।

4) टीवी चैनल्स के खिलाफ न्याालय पहुंचे बॉलीवुड सितारें:

  •  4 बॉलीवुड निर्माता रिपब्लिक टीवी, टाइम्स नाउ और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बॉलीवुड के खिलाफ गैर-जिम्मेदार और अपमानजनक टिप्पणी प्रकाशित करने से रोकने की मांग करते हुए इन टीवी चैनलों के खिलाफ पहुंचे दिल्ली उच्च न्यायालय 

किसके शासनकाल में बौध धर्म को हीनयान और महायान भाग में बाटा गया?

  1. हर्षवर्धन
  2. चन्द्रगुप्त मौर्य
  3. अशोक
  4. कनिष्क

प्रश्‍न – संविधान का कौनसा अनुच्‍छेद सामाजिक समानता का अधिकार प्रदान करता है?

  1. अनुच्छेद 16
  2. अनुच्‍छेद 15
  3. अनुच्छेद 65
  4. अनुच्छेद 56

Tuesday, October 13, 2020

UPSC IAS Prelims 2020 || 10 Best Books For UPSC EXAM

अधिकतर युवाओं का सपना होता है सिविल सर्विसेज में जाने का| कभी किसी को एक-दो प्रयास में ही अपनी मंजिल मिल जाती है तो कुछ को अच्छी तैयारी करने के बावजूद भी सफलता नहीं मिलती|

आज हम आपको बताएँगे कि सिविल सेवा की तैयारी करते समय आपको अपने सिलेबस के बुक्स के अलावा और किन-किन पुस्तकों से बेहतरीन मदद मिल सकती है, जिससे आपको अपना लक्ष्य प्राप्त करने में आसानी हो| तो चलिए इसी क्रम में हम आपको बताते हैं प्रभात प्रकाशन की 10 ऐसी पुस्तकों के बारे में, जिससे आपको अपनी परीक्षा की तैयारी करने में व्यापक और महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है|

हमारी पहली पुस्तक है ......... सिविल सर्विसेज की तैयारी से सम्बंधित

“मुझे बनना है UPSC टॉपर” और “ALL ABOUT UPSC Civil Services Exam” 

यह पुस्तक हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषा में उपलब्ध है|

वर्ष 2014 के UPSC Exam में हिन्दी भाषा माध्यम से 13वीं रैंक प्राप्त करनेवाले टॉपर IAS ऑफिसर निशांत जैन की लिखी यह पुस्तक सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के उनके अनुभव, व्यापक परिवर्तन के अनुरूप सटीक रणनीति, प्रभावशाली लेखन कौशल का तरीका के निचोड़ के रूप में सकारात्मकता से भरपूर एक सार्थक और MOTIVATIONAL पुस्तक के रूप में हमारे सामने हैं| इस पुस्तक में निशांत जैन ने सिविल सेवा परीक्षा के अभ्यर्थियों के लिए ठोस और व्यावहारिक सुझाव दिए हैं, जिनके माध्यम से सिविल सेवा की तैयारी करने के प्रथम चरण से लेकर इंटरव्यू तक में लाभ मिलता है| यह पुस्तक सिविल सेवा परीक्षा की सम्पूर्ण और व्यापक तैयारी के लिए अति उत्तम है|

मुझे बनना है UPSC टॉपर और ALL ABOUT UPSC Civil Services Exam पुस्तक में प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के लिए विस्तृत मार्गदर्शन दिये जाने के साथ-साथ निबंध और एथिक्स में अधिकतम अंक पाने के टिप्स, क्या पढ़े और कैसे पढ़े, नए पैटर्न में प्रासंगिक रणनीति अपनाने के सुझाव, दबावों के बीच भी अपना सकारात्मक और MOTIVATIONAL LEVEL को कैसे MAINTAIN करके रख सकते हैं, इसके अलावा कुछ सफल उम्मीदवारों की अनसुनी कहानियाँ भी आपको प्रेरित करने के लिए दी गयी है|

इस पुस्तक के MAIN और IMPORTANT CHAPTERS हैं-

  •         क्यों करें यू.पी.एस.सी. सिविल सेवा की तैयारी
  •         सिविल सेवा परीक्षा के लिए कैसे करें व्यक्तित्व निर्माण
  •         कैसे करें समग्र तैयारी : समझे यू.पी.एस.सी. का पैटर्न
  •         प्रारंभिक परीक्षा : सफलता की पहली सीढी
  •         कैसे करें “मुख्य परीक्षा” में उत्कृष्ट प्रदर्शन
  •         Optional subject: The Game Changer
  •         Significance Of Having Command Over Your Language
  •         Writing Skill : The Basis Of Success
  •         Personality Test : How To Express Yourself
  •         Never Never Never Give Up

दूसरी पुस्तक है....... एथिक्स विषय से संबंधित

 EthicsIntegrity and Aptitude

यू.पी.एस.सी. की मुख्य परीक्षा जीएस पेपर IV के लिए यह पुस्तक बहुत इम्पोर्टेन्ट है| अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध इस पुस्तक के लेखक हैं 2006 बैच के आईपीएस अधिकारी अशोक कुमार और उनके साथ सहयोगी लेखक गौरव तलवार| अशोक कुमार वर्ष 2006 में “भारतीय पुलिस पदक” और 2013 के गणतंत्र दिवस के अवसर पर विशिष्ट सेवा के लिए “राष्ट्रपति पुलिस पदक” से सम्मानित हो चुके हैं| “फेम इंडिया” मैगजीन - एशिया पोस्ट के वार्षिक सर्वे "25 उत्कृष्ट आईपीएस 2020" में उत्तराखंड के डीजी ( लॉ एंड ऑर्डर ) अशोक कुमार, सक्रिय श्रेणी में प्रमुख स्थान पर है। जबकि गौरव तलवार “द टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ में प्रमुख संवाददाता के रूप में काम कर रहे हैं|

EthicsIntegrity and Aptitude सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के जीएस पेपर - IV के लिए एक अत्यंत उपयोगी पुस्तक है| इस पुस्तक में एथिक्स से संबंधित सभी विषयों पर गहराईपूर्वक विस्तृत विवेचना स्पष्ट भाषा शैली में की गयी है| साथ ही सभी मुख्य और महत्वपूर्ण तथ्यों को Point Vise दर्शाया गया है| पुस्तक की यूएसपी केस स्टडी के दृष्टिकोण के बारे में उम्मीदवारों का मार्गदर्शन करना है। यह किताब नैतिकता और मूल्य प्रणाली की बुनियादी समझ देने और मुख्य परीक्षा में प्रासंगिकता के आधार पर दुहराने एवं अपने उत्तर को बेहतरीन बनाने की जरूरत को पूरा करने के लिए है| साथ ही भारतीय संदर्भ में इसमें अच्छे उदाहरण दिए गए हैं| यह एक ही बार में पढ़ ली जाने वाली किताब नहीं है, क्योंकि विषय को समझने में प्रयास और समय दोनों लगते हैं| यू.पी.एस.सी.  की मैन्स परीक्षा में पेपर - 4  के लिए एथिक्स  विषय की तैयारी किसी विशेष किताब से नहीं की जा सकती, किन्तु EthicsIntegrity and Aptitude पुस्तक से आपको काफी help मिल सकती है।

इस पुस्तक के MAIN और IMPORTANT CHAPTERS हैं-

1.     Evolution  of  Ethics in India

2.     Attitude  Expected from civil Servants

3.     Concept of Emotional Intelligence

4.     Ethics in Governance and Public Administration

5.     Central Civil Services (Conduct) Rules, 1964

6.     Parliamentary Ethics Committee

7.      Right to Information Act

 

तीसरी किताब का नाम है.......

 

भारतीय विदेश नीति

भारतीय विदेश नीति के ऊपर Based इस Book के लेखक है भारत के पूर्व विदेश सचिव तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहे श्री जे.एन. दीक्षित| वे एक अनुभवी राजनयिक थे| 1971 में बांग्लादेश बनने के बाद वह वहाँ भारत के पहले उच्चायुक्त नियुक्त किये गए थे| दीक्षित पाकिस्तान और श्रीलंका में भी भारत के उच्चायुक्त रहे थे|1994 में सेवानिवृत होने के बाद से वे देश-विदेश में पढ़ाने के अलावा लगातार अख़बारों में लिखते रहे हैं|

भारतीय विदेश नीति” पुस्तक में 1946 से 1997 तक के पचास वर्षों के समय के दौरान भारत की विदेश नीति तथा इसके प्रमुख आधारों के विकास का वर्णनात्मक, कालक्रमानुसार विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है| पुस्तक की विषय-वस्तु को तीन व्यापक खण्डों में बांटा गया है और भारतीय विदेश नीति के विभिन्न पहलुओं को प्रामाणिक तथ्यों के साथ सशक्त तथा प्रभावशाली ढंग से विश्लेषित किया हैं। पुस्तक में विश्व के विभिन्न देशोंविशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका, सोवियत संघ, चीन तथा पाकिस्तान आदि के साथ भारत के संबंधों का आलोचनात्मक मूल्यांकन करते हुए घटनाओं के संदर्भ में International relationship की विशद् विवेचन भी की गयी है। भारतीय विदेश नीति के ऊपर Based इस Book के हरेक Chapter के Last में LESSON SUMMARY “प्रमुख बिंदु” के रूप में दिए गए हैं ताकि संघ लोक सेवा आयोग परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को इससे पर्याप्त मदद मिल सकें| भारत की विदेश नीति के विविध पक्षों, प्रमुख हितों और अभिप्रेरणाओं को बेहतर ढ़ंग से समझने में सहायता करनेवाली यह पुस्तक सिविल सेवा परीक्षा के अभ्यर्थियों के लिए Important होने के साथ-साथ एक Asset की तरह है।

इस पुस्तक के MAIN और IMPORTANT CHAPTERS हैं-

1.      अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति के क्षेत्र में भारत का अभ्यूदय (1946 – 1955)

2.      भारत की विदेश नीति का प्रमुख चरण (1964 – 1977)

3.      आंतरिक अनिश्चितता एवं प्रतिक्रियामूलक कूटनीति का काल

4.      बदलते हुए विश्व के साथ तालमेल (1985 – 1991)

5.      मास्टर स्ट्रोक्स की विदेश नीति

6.      भारत और संयुक्त राष्ट्र

7.      भारत की विदेश नीति : एक मूल्यांकन

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4th Book है -

INDIAN ART AND CULTURE

'इंडियन आर्ट एंड कल्चर'  बुक के लेखक हैं 1976  बैच के वेस्ट बंगाल कैडर के रिटायर्ड IAS ऑफिसर डॉ. पी.के. अग्रवाल| उनकी हिंदी और अंग्रेजी में 65 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें से 20 पुस्तकें अंग्रेजी में हैं| रिटायरमेंट के बाद वर्तमान में डॉ. पी.के. अग्रवाल साहित्य के माध्यम से समाज-सेवा में समर्पित हैं। उनकी “भारत का संविधान” पुस्तक सिविल सेवा अभ्यर्थियों में काफी लोकप्रिय है|

'इंडियन आर्ट एंड कल्चर' बुक में भारतीय संस्कृति के विशाल फलक पर फैले विस्तृत विवरणों का संग्रह है, जो सदियों से कला, संस्कृति, परम्पराओं, विश्व के विरासत स्थलों सहित विभिन्न पहलुओं और ऐतिहासिक स्मारकों में मौजूद है। अंग्रेजी भाषा में लिखी इस पुस्तक में विश्वसनीय स्रोतों से प्रामाणिक जानकारी प्रदान की गयी है| Book के matter को रोचक बनाने के लिए सभी अध्यायों में यथास्थान चित्रों के साथ विषय की प्रस्तुति की गयी है| 

विशेषत: सिविल सेवा परीक्षा एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु लिखी गयी INDIAN ART AND CULTURE’ पुस्तक का मुख्य उद्देश्य विषय-विशेष से सम्बंधित समस्त प्रासंगिक जानकारी उपलब्ध कराकर,सिविल सेवा और राज्य लोक सेवा आयोग अभ्यर्थियों के लिए अध्ययन प्रक्रिया को सुगम बनाना है|पुस्तक में विषय से सम्बंधित बुनियादी विवरण दिए गए हैं, जो यू.पी.एस.सी. और अन्य प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों और शिक्षाविदों के लिए व्यापक सामग्री प्रदान करता है। 

इस Book के IMPORTANT CHAPTERS हैं-

     Indian Paintings

Indian Architecture

Culture in Ancient India

Indian Culture

Indian Fairs, Festivals and Exhibitions

Ancient Indian Literature

Fame of Indian Monuments

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पांचवी किताब, जिसके बारे में मैं आपको बताने जा रही हूँ, उसका नाम है – 

“प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत का इतिहास”



दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास एवं हिंदी में एम.ए., बी.एड. तथा हिंदी में पी-एच.डी. तक की शिक्षा प्राप्त डॉ. कमल भारद्वाज ने सिविल सेवा एवं राज्य लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा को ध्यान में रखकर प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत का इतिहासपुस्तक लिखी है| डॉ. कमल भारद्वाज प्रेजेंटेशन कान्वेंट स्कूल और दिल्ली प्रशासन में शिक्षण कार्य कर चुकी हैं| वर्तमान में वह “स्पार्क लाइफ फाउंडेशन” एन.जी.ओ. के अंतर्गत दलित तथा वंचित वर्ग के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान करने का सामाजिक कार्य कर रही हैं|

प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित बेस्ट बुकसेलर की लिस्ट में शामिल “प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत का इतिहास”, पुस्तक में प्राचीन तथा मध्यकालीन भारत के इतिहास की क्रमानुसार व्यापक विस्तृत विवेचना तथ्यपूर्ण, गुणात्मक, विश्लेषणात्मक, उच्चस्तरीय,विश्वसनीय और प्रभावकारी तरीके से प्रस्तुत की गयी है|चार भागों में बांटी गयी इस पुस्तक को 21 अध्यायों एवं 2 विशेष भागों (सिविल सेवा के विगत वर्षों के प्रारंभिक परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्नों को उत्तर सहित और मुख्य परीक्षाओं के प्रश्न) में समायोजित किया गया है| UPSC के प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के अभ्यर्थियों, राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में शामिल होनेवाले परीक्षार्थियों के लिए यह पुस्तक बहुत Useful और important है|

इस पुस्तक के कुछ Important Chapter हैं-

प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत

सिंधु घाटी सभ्यता

ऋग्वैदिक काल और उत्तर वैदिक काल

धार्मिक व्यवस्था – पुनर्निर्माण

मौर्योत्तर युग 200 ई.पू. से 300 ई. तक

उत्तर भारत और दक्कन के प्रांतीय राजवंश

पंद्रहवीं और सोलहवीं शताब्दियों के धार्मिक आन्दोलन

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इसी क्रम में अब हम चर्चा करेंगे छठे BOOK की................ यह है

HISTORY OF MODERN INDIA

यह पुस्तक मूलत: अंग्रेजी भाषा में लिखी गयी है| इस पुस्तक की लेखिका डॉ. कमल भारद्वाज हैं| वे दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास एवं हिंदी में एम.ए., बी.एड. तथा हिंदी में पी-एच.डी. तक की शिक्षा प्राप्त हैं और प्रेजेंटेशन कान्वेंट स्कूल तथा दिल्ली प्रशासन में शिक्षण कार्य कर चुकी हैं| संप्रति वह “स्पार्क लाइफ फाउंडेशन” एन.जी.ओ. के अंतर्गत दलित तथा वंचित वर्ग के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान करने का सामाजिक कार्य कर रही हैं|

HISTORY OF MODERN INDIA” पुस्तक में आधुनिक भारत के इतिहास का क्रमानुसार विस्तृत विवेचना गुणात्मक, विश्लेषणात्मक, तथ्यपूर्ण और प्रभावकारी तरीके से प्रदान की गयी है| पुस्तक को 2 भागों में बांटा गया है, जिसमें पहला भाग Text Matter और दूसरा भाग practice Paper का है|  प्रत्येक Lesson के अंत में अध्याय का सार Chapter at a Glance के रूप में दिया गया है| सिविल सेवा के विगत वर्षों के प्रारंभिक परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्नों को उत्तर सहित दिया गया है| साथ ही अभ्यर्थियों के स्वमूल्यांकन के लिए practice Paper का एक set भी दिया गया है| पुस्तक की भाषा शैली स्पष्ट और सरल रखी गयी है| सिविल सेवा और राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में शामिल होनेवाले परीक्षार्थियों के लिए यह पुस्तक बहुत Useful और Helpful है|

Book के कुछ Most Important Chapter

The Maratha Empire

The Rise Of Regional States

Constitutional Development and Acts

Governor- Generals and Viceroys of India

Birth Of National Congress

Struggle for Independence : EARLY Phase (1885 to 1918)

Struggle for Independence : EARLY Phase (1927 to 1939)

सातवें क्रम पर है निबंध की पुस्तकें..........

इसमें “निबंध महासागर” पुस्तक हिंदी में और “ESSAYS FOR CIVIL SERVICES EXAMINATION” अंग्रेजी भाषा में है|

दोनों ही पुस्तकें सिविल सेवा परीक्षाओं के निबंध पाठ्यक्रम को दृष्टिगत रखते हुए लिखी गयी है| 

दोनों ही पुस्तकें निबंध लेखन की Technique को Improve करने के Instruction के साथ शुरू होती है, जिसमें विषय का चयन, योजना, विषय का परिचय, विषय का निकाय और निष्कर्ष शामिल है|

दोनों ही पुस्तकों में पारंपरिक एवं नवीन दोनों प्रकार के निबंध दिए गए हैं| सभी निबंधों को विश्लेषणपरक शैली में लिखा गया है|

·    प्रत्येक विषय देश में वर्तमान परिदृश्यों के बारे में मुददों और चुनौतियों पर एक व्यापक परिप्रेक्ष्य प्रदान करता है|

“निबंध महासागर” के लेखक हैं सेवानिवृत आईएएस अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार अग्रवाल| इस पुस्तक को 9 भागों में विभाजित किया गया है| साथ ही इस पुस्तक में विगत वर्षों में पूछे गए निबंधों को भी शामिल किया गया है|

Book के कुछ Most Important Chapter हैं ......

राजनीतिक एवं प्रशासनिक विषयों पर आधारित निबंध

आर्थिक विषयों पर आधारित निबंध

सामजिक विषयों पर आधारित निबंध

अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर आधारित निबंध

पारिस्थितिकी विषयों पर आधारित निबंध

“ESSAYS FOR CIVIL SERVICES EXAMINATION पुस्तक के लेखक डॉ. बी. रामास्वामी एक प्रसिद्ध सामाजिक वैज्ञानिक, शिक्षक, लेखक और प्रेरक हैं। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं / प्रकाशन दोनों में 250 से अधिक लेख / पुस्तकें प्रकाशित की हैं|  इस बुक में 145+ 173 Previous CSE Essays दिए गए हैं|

Book के कुछ Most Important Chapter हैं ......

Understanding Essay Writing at its Best

Sample Essays in all subject Areas for IAS Examination

Essays on Science and Technology

Essays on Science and Technology

Essays on Rural and Agrarian Issues

निबंध लेखन पर यह  दोनों पुस्तकें  यूपीएससी परीक्षाओं के लिए अब तक की सबसे उपयोगी पुस्तकों में से एक है| निबंध लेखन में संभावित आईएएस उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने में दोनों ही लेखकों के पास विशाल अनुभव है। दोनों ही पुस्तकों में दिए गए सभी निबंध लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं के लिए एक सम्पूर्ण सैद्धांतिक मार्गदर्शन प्रदान करती है|

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आठवें नंबर पर है भारतीय संविधान की पुस्तकें..........

रिटायर्ड IAS ऑफिसर डॉ. पी.के. अग्रवाल द्वारा लिखी पुस्तकें “भारत का संविधान” और “Constitution Of India.

तथा डॉ. उदयभान सिंह की लिखी पुस्तक “भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था”|

*********

“भारत का संविधान” और “Constitution Of India पुस्तक के लेखक डॉ. पी.के. अग्रवाल भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत वरिष्ठ अधिकारी हैं| वे भारत का संविधान के विशेषज्ञ होने के साथ–साथ हिंदी एवं अंग्रेजी भाषा के विद्वान् भी हैं|

इस पुस्तक में उनके साथ सहयोगी लेखक रहे हैं डॉ. के. एन. चतुर्वेदी| जो कानून एवं न्याय मंत्रालय में पूर्व सचिव रह चुके हैं|

“भारत का संविधान” और “Constitution Of India पुस्तकों में भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था के सैद्धान्तिक और व्यावहारिक पक्षों पर विस्तृत विवेचना के साथ-साथ भारतीय न्यायपालिका की कार्य प्रणाली का पूर्ण विश्लेषण किया गया है| इन पुस्तकों में भारत के संविधान का आसानी से समझ आने योग्य भाषा में सरल रूपांतरण किया गया है, जो सिविल सेवा के अभ्यर्थियों के लिए बहुत उपयोगी है| साथ ही सामान्य पाठक, जो देश की राजनैतिक, नागरिक एवं संवैधानिक मामलों में interest रखते हैं, उनके लिए भी यह पुस्तक अत्यंत उपयोगी है। 

इन Books के कुछ Important Chapter हैं ......

संविधान रचना की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारतीय संविधान की प्रकृति

क्रमवार संविधान संशोधन

संवैधानिक पृष्ठभूमि पर भारत में प्रथम

उद्देशिका का आरंभिक स्वरूप

1.   India and its Territory

2.   Directive Principles of state Policy

3.   The Scheduled Tribal Areas

4.   Finance, Property, Contracts and Suits

5.   Miscellaneous Provisions 

*********

“भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पुस्तक के लेखक डॉ. उदयभान सिंह अर्थव्यवस्था परिदृश्य 'आज और कल' मासिक पत्रिका के संपादक हैं। वे पिछले 15 वर्षों से दिल्ली के विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में सिविल सेवा के अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन करते आ रहे हैं और विभिन्न राष्ट्रीय सेमिनारों में अपने शोध प्रस्तुत कर चुके हैं। उनकी अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।

“भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पुस्तक को 16 भागों में बांटा गया हिया, जिसमें 72 अध्याय एवं 3 परिशिष्टों में भारतीय राजव्यवस्था एवं संवैधानिक क्रियाकलापों का विस्तृत विवेचन प्रस्तुत किया गया है| इसके अलावा विगत 10 से अधिक वर्षों में सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों का संग्रह भी दिया गया है|

Book के Most Important Chapters हैं ......

भारत का संवैधानिक विकास

राज्य के नीति-निदेशक सिद्धांत

लोकतंत्र में सिविल सेवा की भूमिका

भारतीय संघवाद की प्रकृति तथा गतिशीलता

भारत की विदेश नीति और उसके पक्ष

राजनीतिक/ संवैधानिक/ संसदीय शब्दावली 

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हमारी अगली बुक है अर्थशास्त्र से सम्बंधित.........

“INDIAN ECONOMY”

अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध इस BOOK के WRITER हैं अजित कुमार| पिछले 16 वर्षों से “INDIAN ECONOMY” SUBJECT की TEACHING करनेवाले श्री अजित कुमार दिल्ली के टॉप के सिविल सर्विसेज की कोचिंगों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं|  वे PTA Academy के co- founder हैं|

“INDIAN ECONOMY” पुस्तक सिविल सेवा परीक्षा तथा अन्य राज्यों के लोक सेवा आयोग की होनेवाली परीक्षाओं को ध्यान में रखकर लिखी गयी है|  भारतीय अर्थव्यवस्था पर आधारित इस पुस्तक में सभी महत्वपूर्ण व आवश्यक विषय-वस्तु की सामग्री का संयोजन किया गया है| सरल और सहज भाषा में प्रस्तुत यह काफी सारगर्भित, गुणवत्तायुक्त तथा व्यापक पुस्तक है| विषय-वस्तु का वैज्ञानिक एवं सुरुचिपूर्ण प्रस्तुतीकरण|

इस Book के कुछ Important Chapters हैं-

Development Strategy and Economic Reform

Banking Sector

Financial Markets In INDIA

Industrial Sector  In INDIA

Agriculture Sector

External Sector

Black Money or Parallel Economy

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हमारी दसवी book है UPSC CIVIL SERVICES PRELIMANARY EXAM- 2020 के लिए तैयार की गयी पुस्तक “GENERAL STUDIES Paper – 1”

सिविल सर्विसेज की परीक्षा के लिए subject “GENERAL STUDIES Paper – 1” की पुस्तक टीम प्रभात द्वारा तैयार की गयी है| अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध इस बुक में विगत 25 वर्षों (1995 से  2019 तक) के सिविल सर्विसेज की परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न-पत्रों को TOPIC-WISE SOLVED PAPERS के साथ संकलित किया गया है| प्रत्येक साल्व्ड पेपर के स्रोत प्रामाणिक और गुणवत्ता से परिपूर्ण है| पुस्तक के सभी questions के answers with explanations दिए गए हैं| इस बुक में सिविल सर्विस के प्री और मेन परीक्षाओं के PLAN और scheme को भी शामिल किया गया है| विषय-वस्तु की जटिलता को ध्यान में रखते हुए अत्यंत सरल एवं सहज भाषा में पाठ्य-सामग्री का संकलन टीम प्रभात द्वारा किया गया है।

इस Book के Important Chapters के नाम हैं-

Important Information & Instruction For CSE/IAS EXAM

Analytical Tips & Strategic Approach To Crack CSE/IAS 

 29 Years IAS Essay Papers Section-Wise

350+ Probable Essay Topics

General Issues on Environment Ecology, Bio-Diversity & Climate change

Current Events : National & International

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