UPSC की तैयारी के नाम पर Time Pass करना कितना सही है ?


यूपीएससी हमारे देश के कई युवाओं का सपना है और हर साल लगभग सात से आठ लाख लोग इस परीक्षा में अपनी किस्मत आजमाते हैं। इनमे से आधे से अधिक ऐसे होते हैं जो यह परीक्षा चौथी या पाँचवी बार लिख रहे होते हैं और अपने जीवन के कम से कम 6 साल इस प्रयास में दे चुके होते हैं। जरा सोचिए छह साल, यानि यदि तैयारी शुरू करते समय आपकी उम्र 22 साल थी तो अब आप 28 के हो चुके हैं और आप 22 की उम्र में जहां खड़े थे 28 की उम्र में भी वहीं हैं? और किस उम्र तक वहीं रहेंगे इसका कोई जवाब नहीं है? क्या यह सही है?


दोस्तों, हम सब जीवन में कुछ बनने का कुछ पाने का सपना जरूर देखते हैं और उस सपने को पूरा करने के लिए हम जी तोड़ मेहनत भी करते हैं। लेकिन कभी कभी हम कुछ ऐसा हासिल करने निकल पड़ते हैं जो शायद हमारे भाग्य में नहीं होता या जिसे हम Deserve नहीं करते। और ऐसी चीज को हासिल करने के लिए समय व्यर्थ करना कुछ वैसा ही है जैसे रेगिस्तान में मृग - मरीचिका के पीछे भाग भाग कर अपनी सारी Energy खत्म कर देना।


यूपीएससी की तैयारी करना अच्छी बात है लेकिन यूपीएससी को Ego का Issue बना लेना बहुत ही घातक है। इसको ऐसे समझते हैं – आप सब को कभी न कभी परीक्षा में ऐसे सवाल जरूर मिले होंगे जिनका जवाब आपको पता तो होता है लेकिन उस समय आपको याद नहीं आ रहा होता या उस समय हल नहीं हो रहा होता। अब चूंकि आपको लगता है की यह सवाल अपने पढ़ा है तो आपसे जरूर हल होगा और इसी चक्कर में आप अपना कीमती समय बर्बाद कर देते हैं और अंत में आप पूरा पेपर भी सॉल्व नहीं कर पाते। कुछ ऐसा ही यहाँ भी है। आपने दो – तीन साल यूपीएससी की तैयारी की, आप उसके Syllabus को अच्छी तरह पढ़ कर कवर कर चुके हैं लेकिन हर बार किसी ना किसी कारण से आपका Selection नहीं हो पा रहा और आप हर बार यह सोच कर फिर से परीक्षा की तैयारी करने में लग जाते हैं कि इस बार आप जरूर सफल होंगे। और अंत में जीवन के कई महत्वपूर्ण साल इसी प्रयास में गुजार देने के बाद आपको पता चलेगा कि आप कितना पीछे रह गए और ना जाने कितने मौके आपने गंवा दिये।


दोस्तों, जीवन में सफल होने का कोई एक तरीका नहीं होता और हम सब को यह समझने की जरूरत है। जरूरत है तो यह समझने की कब हमे अपना Track Change कर लेना चाहिए। जीवन के जिस दौर में आप यूपीएससी की तैयारी कर रहे होते हैं वह दौर बहुत ही विशिष्ट होता है। इस समय आप ऊर्जा और क्षमता के चरम पर होते हैं और इसे सही जगह Channelize कर आप सफल और समृद्ध हो सकते हैं। धोनी ने एक Interview में कहा था कि मेरा सपना थे कि मैं एयर फोर्स में Pilot बनूँ लेकिन मुझे जल्द ही यह समझ गया कि यह मेरा सपना है लेकिन मैं यह कर नहीं सकता हूँ तो बेहतर है कि मैं वह करूँ जो मैं कर सकता हूँ। आपको भी यह बात समझनी चाहिए। यदि आप दो या तीन Attempt के बाद भी यूपीएससी Clear नहीं कर पा रहे तो शायद आपके लिए Track बदलने का समय आ चुका है। आपको किसी और क्षेत्र में कोशिश नहीं अकर्णी चाहिए और उस क्षेत्र में Excel करने का प्रयास करना चाहिए। यदि आपको UPSC से बहुत प्यार है तो आप नौकरी करते हुए भी इसकी तैयारी तो कर ही सकते हैं।


अब आप सोच रहे होंगे कि क्या दो या तीन साल की तैयारी में जो कुछ सीखा उसका कोई लाभ नहीं मिलेगा। लेकिन ऐसा नहीं है। यूपीएससी का मतलब सिर्फ ज्ञान नहीं बल्कि Practicality और Information की भी है। जब आप इसकी सिरियस तैयारी करते हैं तो आप जीवन में कई चीजों के बारे में सीखते हैं जिनका उपयोग आप जीवन के दूसरे क्षेत्र में आगे बढ्ने के लिए कर सकते हैं। इसको समझने के लिए आपको चाय – सुट्टा बार नाम के tea Chain के संस्थापक अनुभव दूबे का Interview जरूर देखना चाहिए जिन्होने यूपीएससी की तैयारी की, असफल हुए लेकिन समय रहते अपनी मंजिल को बदला और आज एक सफल Entrepreneur हैं।


कहने का मतलब यही है कि आपको यूपीएससी की तैयारी जरूर करनी चाहिए लेकिन उसे जीवन का एक मात्र लक्ष्य नहीं बनाना चाहिए। यदि आप सिविल Servant नहीं बन सकते हैं तो किसी और Field में जरूर सफल होंगे और देश की तरक्की में अपना योगदान देंगे।