IAS EXAM की तैयारी का पहला पड़ाव 


किसी भी संघर्ष में जीत या हार में start का बहुत महत्व होता है। अब जैसे कोई cricket match में जो भी टीम शुरुआत में अच्छा perform करती है, उसके जीतने की संभावना बढ़ जाती है। यूपीएससी के संघर्ष पथ में भी आपके विजयश्री की संभावना इस बात से निर्धारित होती है की आपने अपने सफर की शुरुआत किस तरह की है? आपको लग रहा होगा कि परीक्षा की तैयारी करनी है तो पढ़ाई से ही शुरुआत करनी चाहिए, लेकिन आपकी यही सोच आपको सफल होने से रोक रही है। आइए जानते हैं, कैसे?


यूपीएससी crack करना है, तो सबसे पहले यह समझ लीजिए कि यह एक युद्ध है जिसमे असली लड़ाई में उतारने से पहले अपने आप को हर प्रकार से तैयार करना पड़ता है। हर प्रकार यानि academically, भी और mentally भी। और आपको यह जानकार आश्चर्य होगा कि इस परीक्षा के लिए आपको academic से पहले अपने mental state को build करना पड़ता है। यदि आप यह सोच रहे हैं कि सिर्फ किताबें पढ़ लेने से ही आप इस परीक्षा में पास कर जाएंगे तो आप असफलता के लिए तैयार रहें।


आपका लक्ष्य चाहे कोई भी हो, यदि आप उसे समझे बिना, उसके रास्ते में आने वाली कठिनाइयों को समझे बिना, उसे पाने की कोशिश करेंगे तो सफल हो पाना बहुत मुश्किल है। यूपीएससी में सफल होने के लिए भी आपको सबसे पहले यूपीएससी को समझना होगा और खुद को उसके अनुसार तैयार करना होगा।


खुद को तैयार करने से मतलब यह है कि आपको अपने मन को यह बतलाना होगा कि आप आईएएस क्यों बनना चाहते हैं? अन्य शब्दों में कहा जाए तो आपको खुद से यह पूछना चाहिए कि आप स्वयं को इसके अनुकूल कितना ढाल सकते हैं? आप जो हैं, वह तो हैं ही। हो सकता है कि आपका मैटल आईएएस से भी बेहतर हो। लेकिन इस बात को कतई न भूलें कि ‘जहाँ सुई की जरूरत होती है, वहाँ तलवार व्यर्थ है।’ आपको स्वयं को आईएएस के अनुकूल बनाना होगा।


किसी भी काम को पूरा करने के दो भाग होते हैं। पहला – करने की ठान लेना और दूसरा उस पर डटे रहना। ठानने की क्षमता तो बहुतों में होती है, लेकिन ठानकर उस पर डटे रहने वालों की गिनती उंगलियों पर की जा सकती है। और यही सफल और असफल व्यक्ति के बीच का मूल अंतर भी होता है। ठान कर डटे रहने के लिए आपको खुद को मानसिक रूप से मजबूत करना होगा। यदि आप मानसिक रूप से मजबूत नहीं होंगे तो आपका दिमाग escaping tendency डिवैलप करने लगेगा और आप हर उस काम टालने लगेंगे जो करना आपके लिए सहज ना हो। जैसे मान लीजिये कि आपको mock test देने जाना है लेकिन आपकी तैयारी पूरी नहीं है। आपको यह लगता है कि यदि आप test लेंगे तो निश्चित तौर पर अच्छा perform नहीं करेंगे और आपके परिवार, दोस्त जिन्हें यह लगता है कि आप बहुत मेहनत कर रहे हैं, (जो कि आप कर रहे हैं,) वे आपके प्रति उदासीन हो जाएंगे, कुछ लोग आपका मज़ाक भी बनाएँगे और इन सब से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप टेस्ट में absent हो जाएँ। और फिर आपका दिमाग उस test से बचने के लिए हर प्रकार के बहाने ढूँढने लगता है और उसे वह बहाना मिल भी जाता है। लेकिन इससे आपका जो नुकसान होता है उसके परिणाम आपको देर से समझ आते हैं और जब तक आते हैं तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।


दोस्तों, आप मानसिक रूप से खुद को मजबूत नहीं करेंगे तो आप मुश्किलों का सामना करने से पहले ही हार मान लेंगे और जो लोग मुश्किलों का सामना करने की बजाय उनसे बचने की कोशिश करते हैं, वे कुछ भी बनें, कम से कम civil servant तो नहीं बन सकते।

मानसिक मजबूती के बिना आईएएस की तैयारी न केवल दूर का एक सपना बन जाएगा, बल्कि यदि यह एकदम असंभव नहीं तो असंभव जितना कठिन जरूर हो जाएगा।