Wednesday, March 16, 2022

PCS क्या होता है ? | PCS अधिकारी कैसे बनें? | PCS में कितनी Post होती हैं? |UPSC Exam | Prabhat Exam

 PCS क्या होता है और PCS में कितनी Post होती हैं?

दोस्तो, आज के वीडियो में हम पीसीएस के बारे में बात करेंगे। स्टूडेंट्स के मन में पीसीएस को लेकर दुविधा और कई सवाल रहते हैं, जैसे पीसीएस आखिर होता क्या है, इसमें selection कैसे होता है? इसमें कितनी पोस्ट होती हैं इत्यादि। तो अब और समय न लेते हुए आइये आज का वीडियो शुरू करते हैं। 

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PCS क्या होता है और PCS में कितनी Post होती हैं।

  • दोस्तो, हमारा देश कई राज्यों का एक संघ है जिसमे केंद्र और राज्य के अधिकार क्षेत्र और शक्तियाँ संविधान द्वारा निर्धारित की गई हैं। अब केंद्र सरकार अपने दायित्वों का निर्वहन केन्द्रीय सेवा में कार्यरत अधिकारियों के माध्यम से करती है तो राज्य सरकार अपने काम राज्य सेवा के अधिकारियों द्वारा पूरा करती है। 
  • ऐसे में इन अधिकारियों की नियुक्ति के लिए केंद्र और राज्य दोनों के पास अपनी-अपनी संस्थाएं हैं। केंद्र की संस्था को यूपीएससी के नाम से जाना जाता है तो राज्य सरकार की संस्था को एसपीएससी या स्टेट पब्लिक सर्विस कमिशन कहा जाता है। 
  • इसी कड़ी में एक टर्म और use किया जाता है – पीसीएस। पीसीएस का full form provincial civil services या प्रांतीय सिविल सेवा है। वैसे तो आजकल इस टर्म का इस्तेमाल लगभग हर राज्य की सिविल सेवा के लिए किया जाने लगा है, लेकिन मुख्य रूप से यह उत्तर प्रदेश सिविल सेवा से ही संबन्धित है। 

  • इस सेवा के लिए आधे अधिकारियों का selection सीधे परीक्षा के माध्यम से किया जाता है जबकि बाकी अन्य सेवाओं से प्रमोशन पाकर इस सेवा में अधिकारी बनते हैं। इसमें कुल पदों की संख्या का निर्धारण राज्य सरकार द्वारा हर वर्ष अपनी आवश्यकता अनुसार किया जाता है। परीक्षा से पहले राज्य सिविल सेवा आयोग एक आधिकारिक notification के माध्यम से उस वर्ष की रिक्तियों की सूचना देता है और उसके लिए आवेदन की मांग करता है। 
  • जहां तक परीक्षा के पैटर्न का सवाल है तो यह काफी हद तक यूपीएससी से मिलता-जुलता है। यह परीक्षा भी तीन चरणों में आयोजित की जाती है। पहले prelims फिर mains व अंत में लास्ट चरण interview का होता है। इस तीनों एग्जाम निकलने के बाद दूसरे चरण व अंतिम चरण के नम्बर को मिलाकर मैरिट लिस्ट आता है व उसके हिसाब से रिक्त पदों में भर्ती होता है। 
  • प्रीलिम्स में दो पेपर होते हैं। पहला पेपर GS (General Studies) व दूसरा Reasoning होता है जब रीजनिंग में 33% आता है तब GS पेपर चेक होता है। मेरिट लिस्ट में सिर्फ पेपर 1 के अंक ही कन्सिडर किए जाते हैं और दूसरा पेपर सिर्फ qualifying होता है। 
  • PCS की मुख्य परीक्षा में राज्य सेवा आयोग ने संशोधन किया है। अभी तक इसमें सामान्य अध्ययन के 200-200 अंक के पेपर होते हैं, लेकिन अब 200-200 अंकों के चार पेपर आएँगे। मतलब अब सामान्य अध्ययन का पेपर 800 अंकों का होगा। जबकि इसमें हिंदी और निबंध के प्रश्नपत्रों में किसी भी तरह का संशोधन नहीं किया गया है, यह पहले की तरह 150-150 अंकों का ही रहेगा।
  •  लोक सेवा आयोग की इस Exam में साक्षात्कार के 200 अंकों की जगह 100 अंक कर दिए गये हैं। साक्षात्कार में आपसे किसी विषय पर आपके विचार, विपरीत परिस्थितियों में आपके निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व क्षमता का परीक्षण किया जाता है। आपको वर्तमान में घटित घटनाओं के बारे में जानकारी होनी चाहिये और आपको यह स्पष्ट होना चाहिये की आप इस सर्विस में क्यों आना चाहते हैं।

  • अब जानते हैं पीसीएस में मिलने वाले पोस्ट्स के बारे में। इसमें सबसे उच्च पद एसडीएम या डीएसपी होता है जो टॉप rank लाने वाले स्टूडेंट्स को मिलता है। इसके अलावा इसमें Block Development Officer (BDO), Assistant Regional Transport Officer, Assistant Commissioner (Commercial Tax), District Commandant Home Guards, Treasury Officer/Accounts Officer (Treasury), Cane Inspector And Assistant Sugar Commissioner, Superintendent Jail, Manager Credit (Small Industries), व Nayab Tahasildar आदि पोस्ट्स भी मिलते हैं। लेकिन यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि यह पोस्ट्स आपकी rank और preference पर निर्भर करते हैं। 
  • एक PCS अधिकारी को न्यूनतम 78,800 रुपये से लेकर अधिकतम 2,18,200 रुपये प्रतिमाह वेतन के रूप में प्राप्त होते हैं। इसके अलावा रहने के लिए भवन, वाहन तथा आवश्यकतानुसार कर्मचारी प्राप्त होते हैं। हालांकि कुछ पोस्ट्स पर यह सैलरी कम भी हो सकती है। PCS में सबसे अधिक सैलरी डिप्टी कलेक्टर की होती है व सबसे कम नायाब तहसीलदार की होती है। 


  • PCS का अपॉइनमेंट State Governors द्वारा किया जाता है और उनकी Cadre Controlling Authority राज्य का Personnel Department होता है जो कि सीधे मुख्यमंत्री के अंतर्गत आता है। PCS Officers हमेशा IAS Officers के अंतर्गत ही काम करता है। कई महत्वपूर्ण निर्णय के लिए PCS Officers को छूट दी जाती है, लेकिन Important डिसीजन के लिए IAS के Approval की आवश्यकता होती है। 
आशा है कि यह वीडियो देखने के बाद पीसीएस को लेकर आपके मन में जो दुविधाएँ थीं, वे सब दूर हो गई होंगी। अगर आपको हमारा ये video पसंद आया हो, तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी ज़रूर Share करें, और अगर आपके पास हमारे लिए कोई सवाल है, तो उसे Comment में लिखकर हमें बताएँ। जल्द ही आपसे फिर मुलाकात होगी एक नए topic पर एक नए video के साथ।

देखते रहिए 

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नमस्कार!

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