Wednesday, March 9, 2022

IAS Entry/Life after becoming an IAS officer || UPSC || Prabhat Exam

IAS Entry || Life after becoming an IAS officer

आईएएस ऑफिसर कैसे बनें? यह एक ऐसा प्रश्न है जो हमारे देश में जीवन में एक बार लगभग सभी के दिमाग में आता है। एक आईएएस अधिकारी की भूमिका इतनी विविध एवं चुनौतीपूर्ण होती है कि कई लोग तो डर कर अपनी राह बदल लेते हैं। लेकिन जिन्हें चुनौतियों का सामना करना पसंद है और जो अपनी सोच और मेहनत के दम पर हर मुश्किल का डटकर सामना करना जानते हैं, वही इस परीक्षा में सफल हो पाते हैं। तो कैसा होता है एक आईएएस अधिकारी का जीवन, आइए जानते हैं आज के वीडियो में। 

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Life after becoming an IAS officer


आईएएस अधिकारी बनना हर किसी के बस की बात नहीं होती क्योंकि हर कोई अपने काम से समाज को बदलने की ताकत नहीं रखता। इसीलिए तो लीडर केवल एक होता है और उसके followers कई। आईएएस अधिकारियों में समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता होती है, एक ऐसा परिवर्तन जिसकी समाज को विकास के लिए आवश्यकता होती है। 

एक आईएएस अधिकारी की तीन प्रमुख भूमिकाएँ एवं उत्तरदायित्व होते हैं-

1) क्षेत्र का मूल्यांकन/फील्ड असेसमेंट: ये एक आईएएस अधिकारी के लिए  सर्वाधिक कठिन एवं  चुनौतीपूर्ण  कार्य माना जाता है। प्रशिक्षण के बाद, एक आईएएस अधिकारी की पहली नौकरी आमतौर पर एक फील्ड जॉब होती है।

उपखंड स्तर पर कार्य: एक अनु-मंडल अधिकारी के रूप में, एक आईएएस अधिकारी के उत्तरदायित्वों में मुख्य रूप से विधि एवं व्यवस्था का रखरखाव, विकास एवं प्रशासनिक प्रबंधन सम्मिलित होते हैं।

जिला स्तर पर कार्य: एक जिला अधिकारी, कलेक्टर या उपायुक्त के रूप में, एक आईएएस एक डीएम के रूप में कार्य करता है जिसमें सभी एसडीएम के कार्यों का ऊपरी तौर पर निरीक्षण सम्मिलित है।

2) राज्य सचिवालय/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम: फील्ड पोस्टिंग के बाद आईएएस अधिकारी आमतौर पर राज्य सचिवालय में परिनियोजित होते हैं। उनका प्रत्यक्ष अनुभव उन्हें निर्वाचित प्रतिनिधियों को नीतियां बनाने एवं सरकारी प्रक्रियाओं पर निर्णय लेने संबंधित परामर्श देने में सहायक सिद्ध होता है। साथ ही, अनेक अधिकारी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम वाले कैडरों में deputation पर पोस्ट किए जाते हैं एवं सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न उद्यमों जैसे- ऊर्जा, डिस्कॉम, औद्योगिक इकाइयों, इत्यादि के उच्च प्रबंधन का हिस्सा बन जाते हैं।

3) केंद्रीय सचिवालय: राज्य सचिवालय के बाद, आईएएस अधिकारी आम तौर पर केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के लिए सचिव स्तर के पदों में प्रवेश करता है। इस स्तर के अधिकारी आमतौर पर नीति समीक्षा, निर्माण एवं क्रियान्वयन से संबंधित होते हैं।

एक आईएएस अधिकारी के प्रमुख कार्यों में शामिल हैं-

नीति निर्धारण, क्रियान्वयन एवं फीडबैक सहित सरकारी मामलों का प्रबंधन करना।

विभिन्न विभागों एवं निर्वाचित प्रतिनिधियों से परामर्श करना तथा विकास की दिशा में सामूहिक            कदम उठाना।

विभिन्न योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु आवंटित सार्वजनिक धन का प्रबंधन करना।

विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं नीतियों के क्रियान्वयन की निगरानी करना

प्राकृतिक आपदाओं, बड़ी दुर्घटनाओं एवं दंगों जैसी आपात स्थितियों के जवाब में राहत कार्यों              के  द्वारा प्रतिक्रिया देना एवं समन्वय करना।

एक आईएएस अधिकारी की शक्तियाँ-

IAS अधिकारियों को समाज के जरूरतमंद और गरीब वर्ग की सहायता करने का पूरा अधिकार,          क्षमता और अवसर मिलता है।

वे आय कर वसूली और कर अदालतों के निर्बाध कामकाज के लिए जिम्मेदार हैं।

वे एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट के रूप में काम करते हैं।

वे विकास प्रमुख Head of Development (CDO) (सीडीओ)/जिला विकास आयुक्त District Development Commissioner. के रूप में कार्य करते हैं।

IAS अधिकारी राज्य और केंद्र सरकार की नीतियों के कार्यान्वयन की निगरानी करते हैं।

नई नीति के क्रियान्वयन का अवलोकन करने के लिए आईएएस अधिकारी विभिन्न स्थानों का              दौरा करते हैं।

वे वित्तीय स्वामित्व की नीतियों के अनुसार सार्वजनिक निधियों के व्यय के प्रबंधन के लिए भी              जिम्मेदार हैं।

जब नीति-निर्माण और निर्णय लेने की बात आती है, तो IAS अधिकारी विभिन्न स्तरों पर                    विभिन्न  पदों पर अपनी सेवा देते हैं, जैसे- अवर सचिव, संयुक्त सचिव, आदि।

अब बात करते हैं आईएएस अधिकारी को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में। एक आईएएस की सैलरी 56,100 से लेकर 2,50,000 तक हो सकती है, और इसके अतिरिक्त, वह  आवास, बिजली बिल, अध्ययन अवकाश, आजीवन पेंशन एवं ऐसे कई अन्य लाभों जैसे विभिन्न भत्तों के लिए भी पात्र हो जाता है। एक आईएएस अधिकारी को मूवमेंट के लिए गाड़ी और ड्राइवर भी मिलते हैं। साथ ही उसे एक बॉडीगार्ड भी सरकार की तरफ से दिया जाता है। यदि किसी अधिकारी की पोस्टिंग sensitive इलाके में  होती है तो उसे एक से अधिक बॉडीगार्ड भी दिये जा सकते हैं। 

आशा है कि इस वीडियो को देखने के बाद आपको यह पता चल गया होगा कि एक आईएएस अधिकारी का काम कितना मुश्किल और उसका जीवन कितना चुनौतीपूर्ण होता है। 

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देखते रहिए,  

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नमस्कार !

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