आगे बढ़ने से पहले एक बार इस परीक्षा के पैटर्न को समझ लेते हैं। सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है। पहला चरण prelims होता है| जो एक ही दिन में दो सत्रों में आयोजित किया जाता है। पहले सत्र में सामान्य अध्ययन की परीक्षा होती है| और दूसरे सत्र में CSAT की परीक्षा होती है। इस चरण में qualify करने के लिए सामान्य अध्ययन के अंकों को ही लिया जाता है| और CSAT सिर्फ qualifying नेचर का होता है। इसके सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ यानि औब्जैकटिव होती है। इसके चरण के अंक फ़ाइनल रिज़ल्ट में नहीं जोड़े जाते हैं| और यह सिर्फ mains के लिए qualify करने के लिए होती है। 


Prelims के बाद मुख्य परीक्षा होती है। यह subjective नेचर की परीक्षा होती है। इसमे कुल मिला कर 9 papers होते हैं। Mains का पहला और दूसरा पेपर भाषा का होता है जिसमें से इस paper A में आपको 18 भारतीय भाषाओं में से किसी भी एक भाषा को चुनना होता है। यह पेपर कुल 300 अंकों का होता है जिसमें 20 से 25 प्रश्न होते हैं। Mains का दूसरा पेपर अंग्रेजी यानी कि इंग्लिश लैंग्वेज का होता है। पहले पेपर की तरह इसमें भी आपके अंग्रेजी भाषा के नॉलेज को परखा जाता है। यह भी 300 अंकों का होता है और लैंग्वेज होने के कारण इसके अंक भी मेन रिजल्ट में नहीं जोड़े जाते हैं।


पहले दो लैंग्वेज पेपर्स के बाद पेपर 1 निबंध का होता है। इसका मतलब है essay राइटिंग। यह पेपर दो खंडों में होता है| और हर एक खंड में आपको एक विषय पर निबंध यानी कि ऐसे लिखना होता है। यह पेपर कुल मिलाकर ढाई सौ अंकों का होता है और उसके लिए 3 घंटे का समय दिया जाता है। इसके अंक फ़ाइनल रिज़ल्ट में जोड़े जाते हैं।



इसके बाद सामान्य अध्ययन के 4 papers होते हैं| जो इस प्रकार हैं –


सामान्य अध्ययन I

·        भारतीय विरासत

·        आधुनिक भारतीय इतिहास

·        विश्व इतिहास

·        भारतीय समाज

·        भूगोल


सामान्य अध्ययन- II

·        भारतीय संविधान

·        भारतीय राजव्यवस्था

·        सामाजिक न्याय

·        भारतीय शासन

·        अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध


सामान्य अध्ययन– III

·        भारतीय अर्थव्यवस्था

·        विज्ञान और तकनीक

·        पर्यावरण और जैव विविधता

·        आपदा प्रबंधन

·        आपदा प्रबंधन

·        सुरक्षा


सामान्य अध्ययन– IV: नैतिकता, अखंडता और योग्यता

·        नैतिकता और मानव इंटर फ़ेस

·        मनोवृत्ति

·        योग्यता

·        भावनात्मक बुद्धि

·        सार्वजनिक / सिविल सेवा मूल्य और लोक प्रशासन में नैतिकता

·        शासन में संभावना


इसके बाद पेपर 6 & 7 वैकल्पिक विषय के होते हैं जिन्हें दो भागों वैकल्पिक विषय पेपर I और II में बांटा गया है। इन दो papers के लिए आप यूपीएससी द्वरा जारी गयी subjectlist में से किसी भी एक विषय का चयन कर सकते हैं। इसकी सूची नीचे दी गई है:


कृषि विज्ञान

पशुपालन और पशु चिकित्सा विज्ञान

मनुष्य जाति का विज्ञान

वनस्पति विज्ञान

रसायन विज्ञान

असैनिक अभियंत्रण

वाणिज्य और लेखा

अर्थशास्त्र

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग

भूगोल

गर्भशास्त्र

इतिहास

कानून

असमिया

बंगाली

डोगरी

अंग्रेज़ी

गुजराती

हिंदी

कन्नड़

कश्मीरी

सिंधी

संस्कृत

संथाली

पंजाबी

तामिल

तेलुगू

मराठी

मलयालम

कोंकणी

मैथिली

मणिपुरी

नेपाली

उर्दू

उड़िया

गणित

मैकेनिकल इंजीनियरिंग

चिकित्सा विज्ञान

दर्शन

भौतिक विज्ञान

राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय

मनोविज्ञान

सार्वजनिक प्रशासन

नागरिक सास्त्र

आंकड़े

प्राणि विज्ञान



तो इस तरह से प्रीलिम्स के दो और मैंस के 9 पेपर मिलाकर उम्मीदवार को कुल मिलाकर 11 पेपर देने होते हैं। पर सिर्फ इतना ही नहीं है। Prelims और mains पास करने के बाद तीसरा चरण इंटरव्यू का होता है। इंटरव्यू में कोई पेपर तो नहीं देना होता लेकिन यह यूपीएससी की परीक्षा का सबसे कठिन चरण होता है। इसमें पूर्व आईएएस अधिकारी आपका इंटरव्यू लेते हैं जिसमें वह किसी भी क्षेत्र से प्रश्न पूछ सकते हैं।


Interview भी 275 अंको का होता है। फ़ाइनल रिज़ल्ट में mains और इंटरव्यू के मार्क्स को जोड़ कर मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है और इन तीनों चरण पार करने के बाद आप आईएएस या आईपीएस आदि के लिए चुने जाते हैं।