Saturday, October 3, 2020

Myths About UPSC || UPSC Myths || UPSC Prelims Exam 2020

यह अक्सर कहा जाता है कि IAS परीक्षा को क्वालिफाई करने के लिए प्रतिदिन 16-18 घंटे गहन अध्ययन की आवश्यकता होती है। एक धारणा यह भी है कि IAS परीक्षा की तैयारी के दौरान IAS उम्मीदवारों को किसी अन्य कार्यों में शामिल नहीं होना चाहिए तथा दैनिक कार्यों के लिए कम-से-कम समय बर्बाद करना चाहिए। इस लेख में हमने IAS उम्मीदवारों को ऐसी गलत धारणाओं से दूर रहने का सुझाव दिया है तथा ऐसी स्ट्राटेजी के बारे में भी बताया है जिसे IAS परीक्षा की तैयारी के दौरान IAS परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए अवश्य पालन करना चाहिए।

1. IAS परीक्षा की तैयारी का मतलब खुद को अलग रखना नहीं है

IAS परीक्षा की तैयारी का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि खुद को बाहर की दुनिया से अलग रखा जाए। कुछ लोग IAS उम्मीदवारों को ऐसी गलत धारणाओं का पालन, IAS परीक्षा की तैयारी के दौरान, करने के लिए कहते हैं जो कि गलत है। IAS परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए IAS उम्मीदवारों में केवल किताबी ज्ञान का होना आवश्यक नहीं है बल्कि दुनिया की हर गतिविधि का ज्ञान होना आवश्यक है जो एक आम नागरिक के जीवन को प्रभावित करती है। पिछले कुछ वर्षों में UPSC IAS परीक्षा में कई बदलाव देखे गए है जिसमें IAS उम्मीदवारों में समाज तथा समाजिक-परिवेश में घटने वाली हर समस्याओं पर उनकी गंभीरता का भी परीक्षण किया जाता है। IAS परीक्षा के प्रश्न-पत्रों में ऐसे प्रश्नों को शामिल किया जाता है जिससे IAS उम्मीदवारों की मानसिक योग्यता तथा समाजिक समस्याओं को लेकर उनकी सजगता का विश्लेषण आसानी से किया जा सके। IAS उम्मीदवारों में सामाजिक समस्याओं से निपटने की कला का विकास बंद कमरे में रहकर केवल किताबों के अध्ययन से मुमकिन नहीं है। इसके लिए IAS उम्मीदवारों को सकारात्मक सोच विकसित करने की आवश्यकता है और अपनी कीमती समय से कुछ समय इन समस्याओं को हल करने के उपाय ढूँढने में देना चाहिए।

2. IAS परीक्षा की तैयारी के लिए प्रतिदिन 9-10 घंटे का अध्ययन आदर्श माना जाता है 

अगर IAS उम्मीदवार इन घंटों में अपनी एकाग्रता बनाए रखने में सफल होते हैं। IAS उम्मीदवारों के लिए प्रतिदिन 9-10 घंटे की अवधि के अध्ययन में प्रतिबद्धता होना बहुत ही आवश्यकता है। अगर किसी दिन किसी कारणवश नियमित अवधि का अध्ययन करने में असफल होते हैं तब अगले दिन उसकी पूर्ती अवश्य करनी चाहिए।

3. विश्राम के लिए प्रयाप्त अवधि का होना आवश्यक है

मानसिक संतुलन को बनाए रखने के लिए विश्राम करना बहुत हीं आवश्यक है। IAS परीक्षा की तैयारी के दौरान IAS उम्मीदवारों को अपनी सेहत पर उचित ध्यान देना चाहिए। प्रतिदिन अध्ययन के साथ-साथ नियमित रूप से विश्राम करना भी बहुत आवश्यक है। साधारण अवस्था में एक मनुष्य को प्रतिदिन 6-7 घंटे की नींद पूरी करनी चाहिए। IAS उम्मीदवारों के लिए भी आवश्यक है कि वह अपने शरीर को विश्राम दें ताकि मेटाबोलिज़्म जैसी महत्वपूर्ण शारीरिक प्रक्रिया आसानी से पूरी हो सके।

4. मनोरंजन के लिए भी समय अवश्य निकालें

मानसिक बुद्धि के विकास के लिए मनोरंजन होना उतना हीं आवश्यक है जितना कि अध्ययन तथा विश्राम का होना आवश्यक है। IAS उम्मीदवार इच्छानुसार खुद के मनोरंजन के साधन का उपाय कर सकते हैं। कुछ लोगों को खेलना-कूदना पसंद है तो कुछ लोगों को फिल्में देखना, टेलीविजन देखना, डांस करना, टहलना इत्यादि। लेकिन IAS उम्मीदवारों को मनोरंजन के ऐसे साधनों का उपयोग करना चाहिए जिससे उनके IAS परीक्षा की तैयारी पर किसी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। मनोरंजन के लिए प्रतिदिन 2-3 घंटे की अवधि प्रयाप्त है जिसे नियमित रुप से पालन करना चाहिए।


प्रतिदिन विभिन्न प्रक्रियाओं के लिए नियमित अवधि के सुझावों के अलावा IAS उम्मीदवार खुद यह तय कर सकते हैं कि उन्हें IAS परीक्षा की तैयारी के लिए कितना समय सुनिश्चित करना चाहिए। प्रतिदिन तय समय-सारणी का पालन करना चाहिए। किसी ऐसे कार्यों से तथा गलत धारणाओं से दूर रहना चाहिए जो IAS परीक्षा की तैयारी की दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है।

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