Friday, September 18, 2020

IAS परीक्षा के लिए Newspaper कैसे पढ़ें?

हेल्लो दोस्तों,

क्या आपने अपनी आनेवाली IAS परीक्षा के लिए तैयारी शुरू कर दी? क्या आप अब तक समझ गए हैं कि कौन कौन सी किताबें आवश्यक है और पढनी चाहिए, और क्या आप नोट्स बनाना सीख गयें हैं? अगर ये सब पश्नों के उत्तर हाँ है तो आप सही दिशा में बढ़ रहे हैं और इनमें कोई कसार रह रही है तो आप हमारे IAS के ऊपर बनी तमाम वीडियोस को देखें और अपनी तैयारी को आगे बाधाएं.

इसी कड़ी का एक मूलभूत सवाल है कि इस परीक्षा की तैयारी के लिए समाचारपत्र अथवा Newspaper को कैसे पढ़ें? इस विडियो में आज आपको ये बातें सिखाई जाएगी और इससे आपको क्या फायदा होगा.

दोस्तों, जैसा कि आपको पहले के विडियो में बताया जा चूका है कि अपने करंट अफेयर्स या समसामयिकी की तैयारी हेतु एक न्यूज़पेपर पढ़ें और उसमें भी द हिन्दू पढ़ें तो  अच्छा है. समाचार पत्र आपकी तैयारी का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और यह भी सच है कि आप अपना कीमती यूपीएससी तैयारी का समय केवल अखबार पढ़कर नहीं बिता सकते हैं. जो लोग परीक्षा पैटर्न से अवगत हैं, वे शुरुआती समय में इसे पढ़ने में ज्यादा समय नहीं लगाते हैं. इसीलिए हम यहाँ बतायेंगे कि कम से कम समय में आप इसे कैसे पढ़ सकते हैं.

  • समाचारपत्र में समाचार के बजाय मुद्दे पर ध्यान दें: मान लीजिए कि "सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को उनकी सीट से हटा दिया गया" के रूप में एक समाचार सुर्खियों में है. इसलिए यह महत्वपूर्ण नहीं है कि कौन हटा दिया गया, उसने क्या किया इसलिए उसे हटा दिया गया, कब उसे हटा दिया गया. बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि "सुप्रीम कोर्ट के जज को कैसे हटाया जा सकता है", "हमारे संविधान में सीट से जज को हटाने का क्या प्रावधान है", "इसका हमारे देश और आने वाली पीढ़ी पर क्या प्रभाव पड़ सकता है" इत्यादि.
  • समाचार को कुछ श्रेणियों में वर्गीकृत करने का प्रयास करें: समाचार या मुद्दों को कुछ श्रेणियों में विभाजित करें जैसे अंतर्राष्ट्रीय संबंध, पर्यावरण और जैव विविधता, व्यक्तित्व और पुरस्कार, सरकारी नीतियां और योजनाएं, अंतर्राष्ट्रीय संगठन, आर्थिक नीतियां, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और चिकित्सा, विविध आदि.

समाचारपत्रों में दिया गया मैटर पर्याप्त नहीं होता है इसके बारे में अधिक जानने के लिए इंटरनेट पर और रिसर्च करें. उदाहरण के लिए हाल ही में डीएनए प्रोफाइलिंग बिल खबरों में है और द हिंदू एडिटोरियल में भी देखा जा सकता है. संपादकीय इसके बारे में कुछ बिंदु और विचार देगा लेकिन यह पर्याप्त नहीं है. Google आपके दिमाग में उठ रहे सवालों जैसे "भारत में डीएनए प्रोफाइलिंग की आवश्यकता क्यों है?", "लोगों के जीवन पर डीएनए प्रोफाइलिंग के क्या प्रभाव हैं जहां यह कानून पहले से मौजूद है?", "क्या यह हमारी निजता को छीन लेगा?" का जवाब देगा.

  • समाचार पत्र में संपादकीय/एडिटोरिअल अनुभाग जरूर पढ़ें: यह समाचार पत्र का सबसे महत्वपूर्ण खंड होता है. इस खंड को पढ़ते समय, आपके हाथ में एक कलम / पेंसिल होनी चाहिए जिससे आप विशिष्ट जानकारी को रेखांकित कर सकते हैं ताकि नोट्स बनाया जा सके.

समाचार पत्रों के कुछ अनुभाग को आप नज़र-अंदाज़ कर सकते हैं जैसे राजनीति, खेल, फिल्म्स, अवार्ड्स इत्यादि.

समाचार पत्रों से प्रासंगिक जानकारी निकालने में शुरुआत में कुछ समय लगेगा. आप धीरे-धीरे सीखेंगे और एक बार जब आप बुनियादी अवधारणाओं में महारत हासिल कर लेंगे, तो इस परीक्षा और तैयारी के प्रति आपका दृष्टिकोण उल्टा हो जाएगा. यही वह समय होगा जब आप अपनी तैयारी की प्रक्रिया से प्यार करने लगेंगे. प्रक्रिया का आनंद लेने की कोशिश करें और इसे ऐसा न समझें कि आपको कुछ करना है. बस इस समय को जीयें और खुद के साथ ईमानदार बने रहें.


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